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'शगुन' से जुड़े देश के 15 लाख स्कूल, 90 लाख शिक्षक और 25 करोड़ विद्यार्थी, घर बैठे ले सकेंगे जानकारी
Thu, 29 Aug 2019 10:30 AM IST
Nilesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Thu, 29 Aug 2019 10:30 AM IST
सार
- मानव संसाधन विकास मंत्री आज करेंगे उद्घाटन
- स्कूलों की मनमानी से परेशान नहीं होंगे अभिभावक
- शगुन पोर्टल पर सारी सुविधाओं की होगी जानकारी
- स्कूल सुविधा में कोई कमी हो तो कर सकेंगे शिकायत
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विस्तार
स्कूलों की मनमानी फीस, यूनिफार्म और किताबों की शिकायत को लेकर अब अभिभावक परेशान नहीं होंगे। केंद्र सरकार ने देश के सभी स्कूलों की निगरानी का खाका तैयार कर लिया है। देश के किसी भी स्कूल, शिक्षक, गुणवत्ता, योजना की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। देश के 15 लाख स्कूलों, 90 लाख शिक्षकों और 25 क रोड़ विद्यार्थियों को शगुन पोर्टल से जोड़ा गया है।
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इसके माध्यम से अभिभावक, शिक्षक, विद्यार्थी या आम लोग कमियों पर सीधे शिकायत कर सकेंगे। इस पर जानकारी प्रतिदिन अपडेट करनी अनिवार्य होगी। इसका अद्घाटन मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक बुधवार को करेंगे।
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इस पोर्टल से देश के सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को यूनिफाइड डिस्ट्रिक इन्फोरमेशन ऑफ स्कूल एजुकेशन (यूडीआईएसई) से एक यूनीक नंबर के माध्यम से जोड़ा गया है। पोर्टल से मानव संसाधन विकास मंत्रालय राज्यों, सीबीएसई, केवी, जेएनवी, एनसीईआरटी, एनसीटीई, एनओआईएस, एनबीबी, सीटीएसए पर नजर रखेगा। पोर्टल से डायट भी जुड़ेंगे। निगरानी ऑनलाइन होगी।
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सभी स्कूलों को जियो टैग से जोड़ा गया है। जियो टैग से डाटा ऐनालिटिक होगा। स्कूलों द्वारा उपलब्ध कराई जानकारी की सत्यता थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन से जांची जाएगी। इसके लिए थर्ड पार्टी मोबाइल ऐप बनाया गया है। इस ऐप से विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक या अन्य कोई सीधे शिकायत भेज सकेगा।
परफारमेंस ग्रेड इंडेक्स में देनी होगी 70 बिंदुओं की जानकारी
सभी राज्यों को अपने सरकारी स्कूलों का 70 बिंदुओं का परफारमेंस ग्रेड इंडेक्स भरना होगा। इसमें शिक्षक और छात्रों की जानकारी देनी पड़ेगी। इसी के आधार पर पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक की रिपोर्ट तैयार होगी।