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चीन में फंसे 15 भारतीय छात्र कोच्चि पहुंचे जांच में नहीं पाए गए संक्रमित, घर भेजा

Sun, 09 Feb 2020 01:46 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि। Published by: योगेश साहू Updated Sun, 09 Feb 2020 01:46 AM IST
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15 Indian students stranded in China arrived in Kochi, not found infected investigation, sent home
कोरोनावायरस - फोटो : PTI

चीन के हुबेई प्रांत में फंसे 15 भारतीय छात्र शुक्रवार देर रात केरल के कोच्चि पहुंच गए। छात्रों के परिजन भी एयरपोर्ट पर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण का पता लगाने के लिए छात्रों की विधिवत जांच की गई। छात्र पहले हुबेई से थाईलैंड की राजधानी बैंकाक पहुंचे जिसके बाद वे एयर एशिया की फ्लाइट से शुक्रवार रात 11 बजे कोच्चि पहुंचे।

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एयरपोर्ट से उन्हें सीधे पांच एंबुलेंस से कलामस्सेरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें अलग वार्ड में रखा गया। जांच में छात्र इस वायरस से संक्रमित नहीं पाए गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अधिकारियों ने बताया कि छात्रों को अपने घरों में कम से 28 दिनों तक अलग रहने की सलाह दी गई है। इस बीच, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केरल में घोषित ‘राज्य आपदा’ वापस लेने के बाद भी कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। केरल में कोरोना से संक्रमित लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य आपदा घोषित किया गया था। 
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राजकोट में ट्रेवल कारोबार प्रभावित
कोरोनावायरस का असर दुनियाभर में उद्योग धंधों पर भी पड़ा है। चीन में फैले इस वायरस की वजह से गुजरात के राजकोट में ट्रेवल कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ट्रेवल एजेंट वतसाल ने बताया कि वुहान और चीन के अन्य हिस्सों में कोरोना के चलते लोग चीन के लिए अपनी बुकिंग कैंसल करा रहे हैं। इसका हमारे कारोबार पर असर पड़ा है।
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कोरोना से बचने के लिए विशेष पूजा 
कोरोना से बचने के लिए लोग तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। कर्नाटक के तुमकुर में रांगना हल्ली गांव में लोगों ने मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया। इसका मकसद दुनिया को इस खतरनाक वायरस से बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना करना था। दुर्गा परमेश्वरी मंदिर के पुजारी यशवंत शास्त्री ने कहा कि हमारे पूर्वज समाज की बेहतरी और दुनिया की सुरक्षा के लिए इस तरह की विशेष पूजा आयोजित करते थे।

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