कैडर रिव्यू: 'सीआरपीएफ' सहित केंद्र सरकार के 15 विभागों ने निर्धारित तिथि पर जमा नहीं कराया 'प्रपोजल'
सेंट्रल पावर इंजीनियरिंग सर्विस और इंडियन पोस्टल सर्विस, इन विभागों को मई तक प्रपोजल जमा कराने का समय दिया गया था। इंडियन लीगल सर्विस, इंडियन फॉरेन सर्विस, इंडियन रेवेन्यू सर्विस व सीआरपीएफ को जून में अपना प्रपोजल जमा कराना था। ये विभाग भी तय समय पर कैडर रिव्यू प्रपोजल जमा कराने से चूक गए...
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केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में चल रही 'कैडर समीक्षा' को लेकर डीओपीटी ने सवाल उठाए हैं। वजह, 'सीआरपीएफ' सहित केंद्र सरकार के 15 विभागों ने निर्धारित तिथि निकलने के बाद भी 'प्रपोजल' जमा नहीं कराया है। इसके चलते इन विभागों की फाइनल रिपोर्ट जमा होने और उसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने में भी वक्त लगेगा। डीओपीटी ने इन विभागों की कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी को रिमाइंडर भेजा है। इसमें कहा गया कि वे अपना स्टेट्स अपडेट करें, कैडर रिव्यू प्रपोजल को लेकर उठे सवालों का जवाब दें और मांगी गई अन्य जानकारी सहित फाइनल रिपोर्ट तैयार कर उसे बिना किसी देरी के जमा कराएं।
बता दें कि केंद्र सरकार ने कई विभागों में कैडर रिव्यू की प्रक्रिया शुरू की है। इन सभी विभागों को एक निर्धारित तिथि पर कैडर रिव्यू प्रपोजल जमा कराना था, लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया। चीफ इंजीनियरिंग सर्विस (सीपीडब्ल्यूडी) को अप्रैल में प्रपोजल जमा कराना था, लेकिन अभी तक वह जमा नहीं हो सका है। सेंट्रल इलेक्ट्रिकल एंड मेकेनिकल इंजीनियरिंग सर्विस (सीपीडब्ल्यूडी) को भी अप्रैल में प्रपोजल जमा कराना था। सेंट्रल आर्किटेक्ट सर्विस (सीपीडब्ल्यूडी) का प्रपोजल भी अभी तक नहीं मिला है। अप्रैल तक यह प्रपोजल जमा होना था। सेंट्रल लेबर सर्विस को अप्रैल और सेंट्रल वाटर इंजीनियरिंग सर्विस को मई में रिपोर्ट जमा करानी थी। डिफेंस क्वॉलिटी एश्योरेंस सर्विस विभाग को कैडर रिव्यू प्रपोजल मई में जमा कराना था। इंडियन इकोनॉमिक सर्विस, इस विभाग की कैडर रिव्यू रिपोर्ट मई तक पहुंच जानी थी।
सेंट्रल पावर इंजीनियरिंग सर्विस और इंडियन पोस्टल सर्विस, इन विभागों को मई तक प्रपोजल जमा कराने का समय दिया गया था। इंडियन लीगल सर्विस, इंडियन फॉरेन सर्विस, इंडियन रेवेन्यू सर्विस व सीआरपीएफ को जून में अपना प्रपोजल जमा कराना था। ये विभाग भी तय समय पर कैडर रिव्यू प्रपोजल जमा कराने से चूक गए। इंडियन रेवेन्यू सर्विस (सीएंडसीई) का प्रपोजल विचाराधीन है। इनके अलावा इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस और इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस के प्रपोजल जुलाई में जमा होने थे। अभी तक इन दोनों विभागों ने अपने प्रपोजल जमा नहीं कराए हैं। सेंट्रल हेल्थ सर्विस का प्रपोजल प्राप्त हो गया है। इसके लिए कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्री हेल्थ सर्विस के प्रपोजल को लेकर सीसीए के जवाब का इंतजार है। इंडियन स्किल डेवेलपमेंट सर्विस और इंडियन रेवेन्यू सर्विस (सीएंडआईटी), ये दोनों प्रपोजल डीओपीटी 2 के पास विचाराधीन हैं। सेंट्रल इंजीनियरिंग सर्विस 1 का प्रपोजल डीओई (रोड्स) के पास विचार के लिए भेजा गया है।