{"_id":"609493a7aa1e514572139619","slug":"15-5-crore-people-faced-food-crisis","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुश्किल: 15.5 करोड़ लोगों ने झेला भोजन का संकट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुश्किल: 15.5 करोड़ लोगों ने झेला भोजन का संकट
Fri, 07 May 2021 06:41 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 07 May 2021 06:41 AM IST
सार
- महामारी के कारण 2020 में पैदा हुआ पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा अभाव
विज्ञापन
खाने की थाली।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी, युद्ध और जलवायु परिवर्तन ने दुनिया पर भोजन का संकट तेजी से बढ़ा दिया है। हालत अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में लोगों को पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा खाने का अभाव झेलना पड़ा।
विज्ञापन
यूरोपीय संघ के खाद्य व कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा बुधवार को प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया है कि पिछले साल 55 देशों के 15.5 करोड़ लोगों को भोजन की भारी कमी से जूझना पड़ा। यह संख्या 2019 के मुकाबले दो करोड़ ज्यादा है।
विज्ञापन
एफएओ ने अपनी रिपोर्ट में मौजूदा समय में खाद्य असुरक्षा को लेकर हालात लगातार ने दिए बिगड़ने के संकेत दिए हैं। संगठन के निदेशक बिगड़ने क्यू दौम्यू का कहना है केत कि स्थिति बदतर होने से रोकने के लिए सभी देशों को एकजुट होना होगा।
विज्ञापन
वीडियो कॉन्फ्रेंस से भोजन संकट पर वैश्विक रिपोर्ट की व्याख्या करते हुए दोंग्यू ने कहा, इस समय मानवता के लिए हमें तत्काल कदम उठाने होंगे। इसके लिए दुनिया को सबसे पहले कृषि - खाद्य तंत्र को ज्यादा दक्ष, समावेशी और टिकाऊ बनाना होगा।
बढ़ती जा रही संख्या
पिछले साल जिन 10 करोड़ लोगों ने खाने का संकट झेला, उसकी बड़ी वजह युद्ध और स्थानीय संघर्ष थे, जबकि 2019 में यह तादाद 7.7 करोड़ थी। वहीं, अर्थिक तंगी के कारण चार करोड़ लोग भूखे रहे , जिनकी संख्या 2019 में 2.4 करोड़ थी। विशेषज्ञों का कहना है, महामारी ने कोढ़ में खाज का काम किया है।
28 देशों के 2.8 करोड़ लोग आपात स्थिति में
रिपोर्ट के मुताबिक, 28 देशों के 2.8 करोड़ लोग भूख की आपात स्थिति का सामना कर रहे हैं। इनमें डीआर कांगो , यमन और अफगानिस्तान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। दक्षिण सूडान और यमन जैसे देशों में 1.33 लाख खाद्य सुरक्षा के बेहद गंभीर और आपदाकारी हालात से गुजर रहे है । अकेले अफ्रीका में फिलहाल 9.8 करोड़ लोग संकट से जूझ रहे हैं।