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अध्ययन: खराब आहार के कारण 1.4 करोड़ लोग टाइप-2 मधुमेह की चपेट में, शोधकर्ताओं ने किया खुलासा

Wed, 19 Apr 2023 05:26 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 19 Apr 2023 05:26 AM IST
सार

शोधकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन के दायरे में आए 30 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में, भारत, नाइजीरिया और इथियोपिया में खराब आहार से संबंधित टाइप-2 मधुमेह के सबसे कम मामले थे। 

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14 million people in the grip of type 2 diabetes due to poor diet
डायबिटीज - फोटो : istock

विस्तार

दुनियाभर खराब आहार के कारण करीब 1.4 करोड़ लोग टाइप-2 डायबिटीज की चपेट में हैं। ‘नेचर मेडिसिन’जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में 1990 और 2018 में किए गए अध्ययन के आधार पर जुटाए गए आंकड़ों में शोधकर्ताओं ने यह खुलासा किया है। वैश्विक स्तर पर ये आंकड़े 70 प्रतिशत से अधिक नए मामलों से जुड़े हैं। 

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राहत की बात यह है कि भारत में अस्वास्थ्यकर भोजन से संबंधित टाइप-2 मधुमेह के सबसे कम मामले थे। शोधकर्ताओं ने कहा कि अध्ययन के दायरे में आए 30 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में, भारत, नाइजीरिया और इथियोपिया में खराब आहार से संबंधित टाइप-2 मधुमेह के सबसे कम मामले थे। 
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शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन 11 आहार कारकों पर विचार किया गया, उनमें से तीन का टाइप-2 मधुमेह की बढ़ती वैश्विक घटनाओं में बहुत बड़ा योगदान था। इनमें साबुत अनाज का अपर्याप्त सेवन, परिष्कृत चावल, गेहूं की अधिकता और प्रसंस्कृत मांस का अधिक सेवन शामिल थे। बहुत अधिक फलों का रस पीने और पर्याप्त गैर-स्टार्च वाली सब्जियां, सूखे मेवे नहीं खाने जैसे कारकों का रोग के नए मामलों पर कम प्रभाव देखा गया। 
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184 देश अध्ययन में शामिल
अमेरिका में टफ्ट्स विश्वविद्यालय के वरिष्ठ लेखक दारीश मोजाफेरियन ने कहा, हमारे अध्ययन से पता चलता है कि खराब कार्बोहाइड्रेट गुणवत्ता वाला आहार, टाइप-2 मधुमेह का विश्व स्तर पर एक प्रमुख कारक है। अध्ययन में शामिल 184 देशों में से सभी ने 1990 और 2018 के बीच टाइप-2 मधुमेह के मामलों में वृद्धि देखी, जो व्यक्तियों, परिवारों और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों पर बढ़ते बोझ को दर्शाता है। 

टाइप-2 मधुमेह में इंसुलिन के प्रति शरीर की कोशिकाएं प्रतिरोध करती हैं। इंसुलिन पैंक्रियाज से बनाया गया एक हार्मोन है, जो किसी भी समय खून में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है।


मध्य-पूर्वी यूरोप एवं मध्य एशिया में अधिक मामले
शोधकर्ताओं ने कहा कि मध्य और पूर्वी यूरोप एवं मध्य एशिया-विशेष रूप से पोलैंड और रूस में जहां आहार लाल मांस, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और आलू से भरपूर होता है, वहां आहार से जुड़े टाइप-2 मधुमेह के मामलों की संख्या सबसे अधिक थी। लैटिन अमेरिका, कैरेबियाई क्षेत्रों में भी टाइप-2 मधुमेह के मामलों के अधिक मामले पाए गए। हालांकि, 1990 और 2018 के बीच खराब आहार के कारण टाइप-2 मधुमेह में सबसे बड़ी वृद्धि उप-सहारा अफ्रीका में देखी गई थी।

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