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मेघालय: 13 मजदूर कोयला खान में फंसे, सीएम संगमा बोले- बचा पाना मुश्किल
Mon, 17 Dec 2018 01:11 PM IST
Shilpa Thakur
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग
Published by: Shilpa Thakur
Updated Mon, 17 Dec 2018 01:11 PM IST
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खान में फंसे मजदूर
- फोटो : ANI
मेघालय में पूर्वी जैंतिया हिल्स इलाके की एक खान में 13 मजदूर फंस गए हैं। इस मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा का कहना है कि यह बेहद मुश्किल और जटिल स्थिति है। एनडीआरएफ की टीम उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है लेकिन यह काफी मुश्किल लग रहा है।
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मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हम चाहे जितने भी पंप लगा रहे हैं लेकिन पानी का प्रेशर इतना ज्यादा है कि उसका स्तर कम करने में परेशानियां आ रही हैं। हम बहुत प्रयास कर रहे हैं लेकिन स्तर काफी अधिक है। जिस दिन यह घटना घटित हुई उसी दिन मैंने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू से बात की और मदद की मांग की।"Meghalaya CM on 13 miners trapped in a mine at Ksan in East Jaintia Hills: Very difficult&complicated situation. NDRF trying to save them but it looks very difficult. No matter how many pumps we put, water force is too much to bring it down to a level where we can enter&save them pic.twitter.com/nChFNnOSrY
— ANI (@ANI) December 17, 2018
बता दें बीते हफ्ते गुरुवार के दिन लुमथरी इलाके के तीन स्थानीय निवासियों सहित कुल 13 मजदूर कोयला खदान में फंस गए थे। ऐसा माना जा रहा है कि खनिकों ने तीन-चार दिन पहले ही खनन शुरू किया था। उसी दिन से फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई है। एनडीआरएफ के 60 से अधिक सदस्यों वाले दो दल शुक्रवार की सुबह ही पहुंच गए थे। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 12 सदस्य घटनास्थल पर पहले से ही मौजूद थे।
जानकारी के मुताबिक ये खदान 370 फीट गहरी है और पानी का स्तर 70 फुट है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से पांच लोग बाहर आ गए थे लेकिन इन पांच लोगों के बारे में भी अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। बता दें नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल ने 17 अप्रैल, 2014 से राज्य में असुरक्षित तरीके से कोयला खनन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। वहीं पुलिस ने खदान का संचालन करने वाले जेम्स सुखलैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल सुखमैन फरार चल रहा है।