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Gadchiroli Encounter: गढ़चिरौली मुठभेड़ को लेकर बड़ा खुलासा; मारे गए 12 माओवादियों पर कुल 86 लाख का था इनाम
Thu, 18 Jul 2024 05:27 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गढ़चिरौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गढ़चिरौली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 18 Jul 2024 05:27 PM IST
सार
गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि बीते दिन यानी कल सुबह सूचना मिली कि कोरची-टीपागढ़ और चटगांव-कासनसूर के संयुक्त स्थानीय संगठन दस्ते (एलओएस) के 12 से 15 सदस्य वंडोली गांव में छत्तीसगढ़ की सीमा के पास वन क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। इनका उद्देश्य नक्सलियों के आगामी शहीद सप्ताह (28 जुलाई से तीन अगस्त) के मद्देनजर खतरनाक गतिविधियों को अंजाम देना है।
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गढ़चिरौली मुठभेड़ के बाद पुलिस की पीसी।
- फोटो : PTI
विस्तार
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए 12 नक्सलियों में तीन वरिष्ठ कैडर शामिल थे। उन पर कुल 86 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस ने गुरुवार को इसका खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन की सफलता के कारण माओवादियों के पूरे कोरची-टिपागड और चटगांव-कासनसुर दलम का सफाया हो गया है। दरअसल, बीते दिन यानी बुधवार को छत्तीसगढ़ सीमा के पास हुई मुठभेड़ में पांच महिलाओं समेत 12 माओवादी मारे गए थे। इस दौरान तीन सुरक्षाकर्मी घायल भी हुए थे।
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गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया कि बीते दिन यानी कल सुबह सूचना मिली कि कोरची-टीपागढ़ और चटगांव-कासनसूर के संयुक्त स्थानीय संगठन दस्ते (एलओएस) के 12 से 15 सदस्य वंडोली गांव में छत्तीसगढ़ की सीमा के पास वन क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। इनका उद्देश्य नक्सलियों के आगामी शहीद सप्ताह (28 जुलाई से तीन अगस्त) के मद्देनजर खतरनाक गतिविधियों को अंजाम देना है।
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इसमें कहा गया कि पुलिस उपाधीक्षक (ऑपरेशन) विशाल नागरगोजे के नेतृत्व में माओवादी विरोधी सी-60 दस्ते की सात इकाइयों को तत्काल क्षेत्र में तलाशी अभियान के लिए भेजा गया। जब टीमें अभियान में लगी हुई थीं, तब माओवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसका सी-60 टीमों ने मुहंतोड़ जवाब दिया। पुलिस का दबाव बढ़ता देख माओवादी घने जंगल की ओर भाग गए। गोलीबारी के बाद इलाके की तलाशी ली गई, जिसमें सात पुरुष और पांच महिला माओवादियों के शव बरामद हुए।
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अधिकारी ने बताया कि शवों के अलावा पुलिस ने मौके से सात स्वचालित हथियार, तीन एके 47 राइफल, दो इंसास राइफल, एक कार्बाइन गन और एक सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), माओवादी साहित्य, विस्फोटक, डेटोनेटर और अन्य सामान बरामद किया। मुठभेड़ में नक्सलियों के कोरची-टीपागढ़ और चटगांव-कासनसूर इलाके के डिवीजनल कमेटी के तीन कुख्यात कैडर, पांच एरिया कमेटी सदस्य और चार दलम सदस्य मारे गए, जिन पर कुल 86 लाख रुपये का इनाम था।
पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की पहचान योगेश तुलावी उर्फ नरेंद्र (36), विशाल अतराम उर्फ लक्ष्मण (43) और प्रमोद कचलामी (31) के रूप में हुई है। तीनों चटगांव-कासनसूर दलम के थे। प्रत्येक पर 16-16 लाख रुपये का इनाम था। अन्य मृतक महारू गावड़े (31), अनिल दर्रो (28), सरिता परसा (37), रज्जो गावड़े (35) और विज्जू, सभी चटगांव-कासनसूर और कोरची-टीपागढ़ एलओएस के एरिया कमेटी सदस्य थे। प्रत्येक पर 6-6 लाख रुपये का इनाम था। चंदा पोद्याम, सीता हॉके, रोजा और सागर - सभी चटगांव-कासनसूर और कोरची-टीपागढ़ एलओएस के सदस्य थे, जिन पर दो-दो लाख रुपये का इनाम था।