Yogi Sarkar 2.0 Report Card: योगी के दावों पर बट्टा लगा रहा ये विभाग, औद्योगिक क्षेत्र में खराब सड़कों से कंपनियों की हालत खराब
कासना साइट-5 भौगोलिक रूप से तो ग्रेटर नोएडा के अंतर्गत आता है, लेकिन विशेष औद्योगिक क्षेत्र के रूप में इसका निर्माण और देखरेख यूपीएसआईडीसी (UPSIDC) के माध्यम से किया जाता है। कासना के औद्योगिक कंपनियों ने कई बार सम्मिलित रूप से विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत कराई जाए, लेकिन तमाम आश्वासन मिलने के बाद भी इस क्षेत्र की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ...
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया है कि सरकार के गठन के पहले सौ दिनों में ही प्रदेश में 80 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। इससे प्रदेश में व्यापार के क्षेत्र में वृदधि होगी और भारी मात्रा में रोजगार पैदा होगा। लेकिन प्रदेश के कई विभाग बड़ी कंपनियों के लिए निवेश के लिए आवश्यक संसाधन न उपलब्ध कराकर मुख्यमंत्री के दावों पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ कासना साइट-5 के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कें खराब और टूटी-फूटी पड़ी हुई हैं। आवागमन के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। सड़कों के बीच-बीच में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश होते ही इनमें पानी भर जाता है जो हरदम किसी बड़े हादसे को न्योता देता रहता है। इसके बारे में अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक इसका कोई समाधान नहीं निकल पाया है। इससे क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
कासना साइट-5 भौगोलिक रूप से तो ग्रेटर नोएडा के अंतर्गत आता है, लेकिन विशेष औद्योगिक क्षेत्र के रूप में इसका निर्माण और देखरेख यूपीएसआईडीसी (UPSIDC) के माध्यम से किया जाता है। कासना के औद्योगिक कंपनियों ने कई बार सम्मिलित रूप से विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत कराई जाए, लेकिन तमाम आश्वासन मिलने के बाद भी इस क्षेत्र की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इस औद्योगिक क्षेत्र की यह लापरवाही उस स्थिति में हो रही है जब यहां देशी-विदेशी 200 से ज्यादा बड़ी कंपनियों के ऑफिस-निर्माण फैक्ट्रियां यहां पर बनी हुई हैं। खराब सड़कों के कारण कंपनियों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
प्रदेश के सबसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शुमार कासना साइट-5 की उचित देखरेख न हो पाने के कारण व्यापारियों ने अनुरोध किया था कि यहां की सड़कों की देखरेख का काम ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को सौंप दिया जाए। शुरुआती दौर में इस पर कुछ सहमति बनी भी दिखी थी, लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अधिकारियों की लापरवाही से औद्योगिक कंपनियों के लोग परेशान हैं, लेकिन उन्हें इस परेशानी का कोई हल दिखाई नहीं पड़ रहा है।
कासना औद्योगिक क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि यूपीएसआईडीसी (UPSIDC) के अधिकारियों को बार-बार सूचना देने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि कंपनियों के कामकाज के कारण यहां प्रतिदिन हजारों ट्रकों का आना-जाना लगा रहता है। कई अन्य कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी यहां आते रहते हैं। यहां की सड़कों की खराब स्थिति देखने के बाद औद्योगिक क्षेत्र के बारे में लोगों की नकारात्मक राय बन रही है। इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस दावे को भी चोट पहुंच रही है जिसमें उन्होंने यहां निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं देने का वादा किया था।