तूतीकोरिन हिंसा में अब तक 13 लोगों की मौत, जांच के लिए कमेटी गठित
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अफवाहें फैलने के चलते तमिलनाडु सरकार ने तुतीकोरिन में 5 दिनों तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। सोशल मीडिया के जरिए लोगों में बढ़ते गुस्से को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। तूतीकोरिन में वेदांता स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इलाके में धारा 144 लागू है। इसके अलावा इससे सटे तिरुनेलवेलि और कन्याकुमारी जिले में भी इंटरनेट सुविधाएं बंद रहेंगी। अब तक इस मामले में 67 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अभी हिंसा में घायल हुए 70 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है।
वहीं, प्रदर्शन में मारे गए लोगों को लेकर डीएमके ने राज्यभर में 25 मई को बंद का ऐलान किया है। इसके साथ ही पार्टी वेदांता स्टरलाइट कॉपर यूनिट को हमेशा के लिए बंद करने का भी मुद्दा उठाएगी।
Tamil Nadu: Death toll rises to 13 in the firing by police during #SterliteProtests on May 22 & more than 70 people are undergoing treatment. No fresh protest has been reported overnight. Police has been deployed in large numbers in the sensitive coastal areas. #Thoothukudi pic.twitter.com/U2BKMrJAFP
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 24, 2018
इससे पहले, राज्य में स्टरलाइट कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन में बुधवार को पुलिस की फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बता दें कि मंगलवार को भी हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में 10 लोगों की मौत हो गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु सरकार से तूतीकोरिन की घटना पर रिपोर्ट मांगी है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि वह इस घटना के संबंध में राज्य सरकार के संपर्क में हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मंगलवार को लोगों की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को सड़कों पर प्रदर्शन के साथ ही पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस को अन्नानगर में फायरिंग करनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने उस अस्पताल में घुसने का प्रयास किया जहां घायलों को इलाज चल रहा है।
केंद्र ने 10 लोगों की मौत पर राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट
अज्ञात लोगों ने पुलिस के दो वाहनों में आग लगा दी। गुस्साए लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। स्थानीय लोग कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग को लेकर पिछले 100 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संबंधित इकाई की वजह से क्षेत्र में भूजल प्रदूषित हो रहा है। दूसरी तरफ तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन हिंसा के मामले में मद्रास हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज अरुणा जगदीशन के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया है। वह सरकार को घटना के संबंध में अपनी रिपोर्ट देंगी।
तूतीकोरिन के स्टरलाइट कारखाने में परिचालन बंद
स्टरलाइट कॉपर ने बुधवार को कहा कि तूतीकोरिन जिले में उसके कारखाने में फिलहाल परिचालन बंद है। इस कारखाने में परिचालन फिर शुरू करने के लिए फिलहाल कंपनी को प्रशासन की मंजूरी का इंतजार है। स्टरलाइट ने कहा कि यह कारखाना 27 मार्च से ही बंद है। सालाना रखरखाव के लिए कंपनी ने उस दिन से परिचालन बंद किया था। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कॉपर स्मेल्टर सुविधा के परिचालन को लाइसेंस नवीकरण का कंपनी का आवेदन खारिज कर दिया था। मंगलवार को हुई हिंसा के बाद स्टरलाइट के स्वामित्व वाली कंपनी वेदांता के शेयरों में बुधवार को छह फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई: सीपीएम
माकपा ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर संयंत्र का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस की गोलीबारी की कड़ी निंदा करते हुये सरकार से यह संयंत्र बंद करने की मांग की। माकपा पोलित ब्यूरो ने कहा कि इस नृशंस कार्रवाई में शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय करते उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहिए। पार्टी ने कहा कि संयंत्र के कारण हवा, पानी और जमीन के प्रदूषण पर जताई चिंताओं के बारे में राज्य सरकार से वाजिब प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर स्थानीय लोगों को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
आरएसएस विचारधारा नहीं मानने पर हो रही तमिल लोगों की हत्या: राहुल
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि आरएसएस की विचारधारा को मानने से इनकार करने पर तमिल लोगों की हत्या हो रही है। तूतीकोरिन हिंसा पर अपरोक्ष रूप से निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि वह तमिल लोगों के साथ हैं। राहुल ने एक ट्वीट में कहा, ‘आरएसएस की विचारधारा को नहीं मानने के कारण तमिलों को मारा जा रहा है। तमिल लोगों की भावनाओं को आरएसएस और मोदी की गोली से नहीं दबाया जा सकता। तमिल भाइयों और बहनों हम आपके साथ हैं #SterliteProtest।’
हाईकोर्ट ने कॉपर प्लांट के विस्तार पर लगाई रोक
मद्रास हाईकोर्ट के मदुरै पीठ ने विरोध प्रदर्शन के बीच बुधवार को तूतीकोरिन जिले में वेदांता के कॉपर स्मैल्टर प्लांट के विस्तार पर रोक लगा दी है। पर्यावरणविद् फातिमा बाबू की याचिका पर जस्टिस एम. सुंदर और जस्टिस अनिता सुमंत की पीठ ने तूतीकोरिन में वेदांता की दूसरी इकाई के निर्माण पर रोक लगाने का आदेश पारित किया। पीठ ने केंद्र सरकार भी निर्देश दिया कि वह प्लांट के विस्तार पर जिले में जन सुनवाई पर रिपोर्ट को चार महीने के भीतर दे। मामले में अगली सुनवाई 13 जून को होगी।