आज के दिन: बांग्लादेश की पूर्व पीएम करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस, ई20 विवाद से जुड़ी गडकरी की याचिका पर सुनवाई
नमस्कार! आज है बुधवार, 5 अगस्त। इस खबर के जरिए हम आपको बताएंगे कि आज देश-दुनिया में क्या कुछ होने वाला है? आइए जानते हैं...
विस्तार
आज 5 अगस्त 2026 को श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी है। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट भोजशाला मामले में अंतिम सुनवाई करेगा।
वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती हैं शेख हसीना
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 5 अगस्त को नई दिल्ली से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर सकती हैं। यह कार्यक्रम उनके बांग्लादेश छोड़ने के दो वर्ष पूरे होने पर प्रस्तावित है। इसमें उनके देश लौटने की संभावित योजना, राजनीतिक दृष्टिकोण और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। बांग्लादेश में सत्ता से बेदखल होकर शेख हसीना पांच अगस्त 2024 को ही बांग्लादेश छोड़कर भारत आई थीं। बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद उनकी अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। तब से वह भारत में रह रही हैं। गौरतलब है कि बांग्लादेश की बीएनपी सरकार लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करती रही है।(संबंंधित खबर यहां पढ़ें)
कॉकरोच जनता पार्टी की बैठक
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में आंदोलन चलाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की कोर कमेटी की अहम बैठक बुधवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में होगी। बैठक में संगठन की आगे की रणनीति और भविष्य के कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास पर आयोजित होगी। इसमें आंदोलन से जुड़े प्रमुख सदस्य हिस्सा लेंगे और पिछले आंदोलन के अनुभवों के साथ आगे की कार्ययोजना पर विचार करेंगे। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
भोजशाला मामले में अंतिम सुनवाई
धार स्थित भोजशाला-सरस्वती मंदिर विवाद मामले में अब सुप्रीम कोर्ट बुधवार को अंतिम सुनवाई करेगा। इस दौरान मध्य प्रदेश सरकार को यह भी बताना होगा कि मुस्लिम पक्ष के लिए जुमे की नमाज का कौन सा वैकल्पिक स्थान तय किया गया है। फिलहाल कोर्ट ने भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति नहीं दी है, जबकि हिंदू पक्ष की नियमित पूजा पहले की तरह जारी रखने का निर्देश दिया है। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से संबंधित मामले में सुनवाई
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से संबंधित मामले में बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। गडकरी ने अदालत से फर्जी और भ्रामक कंटेंट को तुरंत हटाने तथा उसके प्रसार पर स्थायी रोक लगाने की अपील की है। याचिका में कहा गया है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20) नीति को लेकर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फर्जी पोस्ट और डीपफेक वीडियो प्रसारित किए गए। इनमें उन्हें इस नीति का व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बताया गया और उनको व परिवार को इससे आर्थिक लाभ मिलने का झूठा आरोप लगाया गया। गडकरी ने कहा कि इससे उनकी प्रतिष्ठा और व्यक्तित्व अधिकारों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
मौद्रिक नीति समिति की बैठक
मौद्रिक नीति समिति की बैठक के फैसले बुधवार को आएंगे। एसबीआई रिसर्च की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अगस्त 2026 की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो तिमाहियों तक खुदरा महंगाई (सीपीआई) 5 प्रतिशत से ऊपर रहने की उम्मीद है। (संबंधित खबर यहां पढ़ें)
ब्रिक्स एंटी-करप्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक
भारत सरकार का कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत की ब्रिक्स की अध्यक्षता 2026 के तहत 4-5 अगस्त, 2026 को तेलंगाना के हैदराबाद में ब्रिक्स एंटी-करप्शन वर्किंग ग्रुप (एसीडब्ल्यूजी) की दूसरी बैठक और एसेट रिकवरी पर ब्रिक्स एक्सपर्ट नेटवर्क की दूसरी बैठक की मेजबानी करेगा। यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम, सुदृढशीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के अनुसार आयोजित की जा रही है।
ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति का प्रदर्शन
ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने बुधवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा की। वे न्यूनतम 7,500 रुपये पेंशन, महंगाई भत्ता और मुफ्त चिकित्सा सुविधा चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक देश में ईपीएस 95 योजना से जुड़े करीब 81 लाख पेंशनर्स हैं, जिन्हें औसतन 1,171 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल रही है। यह राशि वर्तमान महंगाई के दौर में जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं है। एक बार पेंशन तय होने के बाद उसमें आजीवन कोई वृद्धि नहीं होती, जबकि आवश्यक वस्तुओं और इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है।(संबंधित खबर यहां पढ़ें)
पीडीपी प्रमुख कश्मीर में करेंगी प्रदर्शन
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली और कश्मीर मुद्दे के समाधान की मांग को लेकर बुधवार को जम्मू-कश्मीर के जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का एलान किया है। बता दें कि आज से सात साल पहले ही अनुच्छेद 370 हटा था।(संबंधित खबर यहां पढ़ें)