मर्दों के मुकाबले औरतें होती हैं ऐसी
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हर रोमांटिक रिश्ते में आपसी सहयोग और इमोशनल सपोर्ट बहुत जरूरी है। लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के मुताबिक, महिला और पुरूष का इमोशनल सपोर्ट देने का अंदाज अलग-अलग होता है।
एचटी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूए के जॉन एंड डारिस नॉर्टन स्कूल आफ फैमिली के पोस्ट डाक्टरल शोध सहयोगी एशले रान्डेल और उपभोक्ता विज्ञान और यूए विभाग के मनोचिकित्सक ने ये जानने की कोशिश की, पार्टनर्स एक-दूसरे के साथ कैसे इमोशनली बिहेव करते हैं। जैसे एक पार्टनर ऑफिस से घर पर खराब मूड में लौटा है, तो वो घर आकर कैसा व्यवहार करेगा?
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ऐसे में दूसरा पार्टनर कैसे रिएक्ट करेगा और दोनों एक-दूसरे को कैसे सपोर्ट करेंगे। इससे उनके दोनों के बीच कितना करीबी संबंध बनेगा?
एशले के मुताबिक, पार्टनर्स का आपस में सहयोग का तब ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है जब आप इमोशनल सपोर्ट करते हुए अपने साथी को विपरीत परिस्थितियों से बाहर लेकर आते हैं और उससे दोनों के बीच इमोशनल जुड़ाव अधिक हो जाता है।
रिसर्च में एशले ने चकित करने वाली कई लैंगिक असमानता पाई। उन्होंने पाया कि रोमांटिक रिलेशनशिप में पुरुष महिला के मुकाबले ज्यादा अस्पष्ट भावनाएं प्रकट करता है। जबकि महिलाएं किसी भी रिश्ते में ज्यादा स्पष्ट और पॉजिटिव होती है। ऐसा करने के पीछे उनका मकसद होता है कि पुरुष भी स्पष्ट भावनाएं जाहिर करे।
इसके विपरीत, रिसर्च में ये भी पाया गया कि यदि पुरूष महिला से अधिक पॉजिटिव होता है तो उस दौरान महिलाएं कम पॉजिटिव हो जाती हैं।
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इस रिसर्च में ये परिणाम निकले कि महिलाएं इमोशनल सपोर्ट करने में पुरूष के मुकाबले ज्यादा आगे होती हैं। लेकिन पुरूष अपने स्वभाव के चलते इन चीजों से बचता है और अपने मन की बात को अपनी पार्टनर से छिपाना शुरू कर देता है।
ये रिसर्च SAGE’s के सोशल एंड पसर्नल रिलेशनशिप जनर्ल में प्रकाशित हुई है।
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