फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   युवक को कबूतरबाजी में फंसाकर ऐंठ लिए 22 लाख रुपये, अवैध तरीके से अमेरिका भेजा तो वहां पकड़ा गया

युवक को कबूतरबाजी में फंसाकर ऐंठ लिए 22 लाख रुपये, अवैध तरीके से अमेरिका भेजा तो वहां पकड़ा गया

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 01:55 PM IST
विज्ञापन
युवक को कबूतरबाजी में फंसाकर ऐंठ लिए 22 लाख रुपये, अवैध तरीके से अमेरिका भेजा तो वहां पकड़ा गया
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत। गांव हुल्लाहेड़ी के युवक को कबूतरबाजी में फंसाकर अमेरिका भेजने के नाम पर 22 लाख रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। युवक को अवैथ तरीके से अमेरिका भेजने के बाद उसका पासपोर्ट छीन लिया गया। जिस पर उसे मैक्सिको में पुलिस ने पकड़ लिया। एक माह तक जेल में रखा गया। जिससे उसकी तबियत बिगड़ गई। बाद में युवक ने डुप्लीकेट पासपोर्ट बनवाया। जिस पर वह फरवरी माह में वापस आ सका था। युवक ने एसपी सोनीपत व पानीपत को शिकायत दी थी। जिसके बाद एसपी सोनीपत के निर्देश पर मुरथल थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गांव हुल्लाहेड़ी निवासी धीरज ने एसपी सोनीपत को शिकायत दी थी कि वह स्नातक तक पढ़ा है। वह रोजगार की तलाश में था कि वह पानीपत के गांव जोशी निवासी दीपक उर्फ दुलीचंद से पानीपत में मिला था। उसने उसे कहा था कि वह उसे नियमों के अनुसार अमेरिका भिजवा देगा। जहां उसे अच्छी नौकरी मिल सकती है। उसका बेटा भी अमेरिका में रहता है और उसकी कई कपंनियों में जान पहचान है। जिससे वह उसकी अच्छी नौकरी लगवाने में मदद करेगा। जिस पर उसने अपने परिजनों को अवगत कराया। उन्होंने दीपक से उसे अमेरिका भेजने के नाम पर 22 लाख रुपये में सौदा किया था। जिसमें से 17 लाख रुपये उसके खाते में डलवा दिए और पांच लाख रुपये नकद दे दिए। वह 18 मई, 2019 को अमेरिका के मैक्सिको में पहुंच गया था। वहां पर आरोपी के आदमियों ने उसका पासपोर्ट छीन लिया। तब उसे पता लगा कि उसे अवैथ तरीके से अमेरिका लाया गया है। उसे मैक्सिको पुलिस ने पकड़ लिया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। वह एक माह तक जेल में रहा। जिससे वह बीमार हो गया और मानसिक रूप से तनाव में रहने लगा। उसके परिवार को पता लगा तो उनकी भी हालत बिगड़ गई। बाद में मशक्कत कर उसने अपना डुप्लीकेट पासपोर्ट बनवाया। जिसके बाद वह 26 फरवरी को वापस अपने देश में आ सका। उसने भारत आने के बाद अपने पिता धर्मबीर के साथ मिलकर आरोपी को काफी तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिला। उसे फोन किया तो एक दिन फोन उठाने के बाद काट दिया। उसके बाद फोन नहीं उठाया। व्हाट्सएप पर मैसेज भी किए, लेकिन जवाब नहीं मिला। तब उसने पुलिस को अवगत कराया। मामले की जांच डीएसपी डिटेक्टिव हंसराज द्वारा की गई। जिस पर पुलिस ने भादंसं की धारा 406 व 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed