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22 दिन बाद पीड़ितों की सुध लेने रोहतक पहुंचा मानवाधिकार आयोग
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Tue, 15 Mar 2016 02:21 AM IST
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पीड़ितों की सुध लेने रोहतक पहुंचा मानवाधिकार आयोग के सदस्य।
- फोटो : amar ujala
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दंगा पीड़ितों ने जब दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को फिर से खड़ा करना शुरू कर दिया तब आयोग को उनकी सुध आई। दंगों के करीब 22 दिन बाद हरियाणा मानवाधिकार आयोग की टीम दंगा पीड़ितों का दर्द बांटने पहुंची। आयोग के सदस्य न्यायाधीश एच.एस. भल्ला ने सोमवार को पीड़ितों से मिलकर उनके जख्मों पर आश्वासन का मरहम लगाया।
इस दौरान न्यायाधीश भल्ला ने कहा कि अच्छाई की सीमा होती है लेकिन बुराई की कोई सीमा नहीं होती। रजिस्ट्रार जीके खन्ना और डीएसपी धीरज सेतिया ने भी पीड़ितों से मुआवजे के संबंध में बातचीत की। टीम ने करीब दो घंटे तक शहर में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ितों से अपील की कि मुआवजा या उपद्रव से जुड़ी कोई भी शिकायत हो तो आयोग के मुख्यालय पर भेजें। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन से डीएसपी पुष्पा खत्री और सिटी मजिस्ट्रेट मनोज खत्री आयोग की टीम के साथ रहे। पूरे क्षेत्र में निरीक्षण करने के बाद आयोग की टीम ने डीसी और एसपी के साथ बैठक की। इसके बाद कलानौर रवाना हो गई।
जिला प्रशासन से मांगी रिपोर्ट
अब आयोग भी दंगों की जांच करेगा। इसके बाद दोषियों पर मानवाधिकार एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। न्यायाधीश भल्ला ने बताया कि जिला प्रशासन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। पीड़ित जो सबूत आयोग को सौंपेंगे, पहले उनकी जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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18 जगहों पर जाकर देखे उपद्रव के निशान
आयोग की टीम ने जिले के दंगा प्रभावित 18 स्थानों का दौरा किया। टीम ने अशोका चौक, डी-पार्क, मेडिकल मोड़, पावर हाउस, कैप्टन अभिमन्यु की कोठी, सर्किट हाउस, इंडस पब्लिक स्कूल, हाईटेक उद्योग लिमिटेड, आईएमटी, स्कॉलर रोजरी स्कूल, बधवार मोटर्स, सत्यम माल, शीला बाईपास, सुखपुरा चौक, वीटा दूध प्लांट, पठानिया पब्लिक स्कूल, शिक्षा भारती स्कूल और सोनीपत रोड पर उपद्रव के दौरान की गई तोड़फोड़ और आगजनी की पड़ताल की।
जहां गए वहीं खुली पुलिस और प्रशासन की पोल
इस बार भी वही नजारा देखने को मिला जैसा कि आईपीएस प्रकाश सिंह जांच कमेटी की पूछताछ के दौरान था। आयोग की टीम जहां-जहां पीड़ितों से मिलने पहुंची वहीं पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की पोल खुली। किसी ने पुलिस पर दोष मढ़ा तो किसी ने प्रशासन को पंगु बताया। न्यायाधीश भल्ला ने पीड़ितों से मुआवजे की राशि मिलने या नहीं मिलने की बात भी पूछी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मुआवजा नहीं मिला तो वह आयोग को लिखित में शिकायत भेजे।
पीड़ितों को मेल आईडी और मोबाइल नंबर दिए
आयोग की टीम ने पीड़ितों को शिकायत करने के लिए वेबसाइट, ई-मेल, मोबाइल नंबर सहित अन्य संपर्क सूत्र भी बताए। न्यायाधीश एच.एस. भल्ला ने कहा कि उपद्रव के दौरान क्या-क्या हुआ और पुलिस और प्रशासन की क्या भूमिका रही, इन पहलुओं को लेकर आयोग की टीम जांच कर रही है।
जिले के अधिकारियों संग की मंत्रणा
हरियाणा मानवाधिकार आयोग की टीम ने सोमवार को जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान डीसी अतुल कुमार ने बताया कि जिले में स्थिति सामान्य है और प्रशासन हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। बैठक में टीम के अलावा एसपी शशांक आनंद और सीटीएम मनोज खत्री मौजूद रहे।
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इस दौरान न्यायाधीश भल्ला ने कहा कि अच्छाई की सीमा होती है लेकिन बुराई की कोई सीमा नहीं होती। रजिस्ट्रार जीके खन्ना और डीएसपी धीरज सेतिया ने भी पीड़ितों से मुआवजे के संबंध में बातचीत की। टीम ने करीब दो घंटे तक शहर में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ितों से अपील की कि मुआवजा या उपद्रव से जुड़ी कोई भी शिकायत हो तो आयोग के मुख्यालय पर भेजें। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन से डीएसपी पुष्पा खत्री और सिटी मजिस्ट्रेट मनोज खत्री आयोग की टीम के साथ रहे। पूरे क्षेत्र में निरीक्षण करने के बाद आयोग की टीम ने डीसी और एसपी के साथ बैठक की। इसके बाद कलानौर रवाना हो गई।
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जिला प्रशासन से मांगी रिपोर्ट
अब आयोग भी दंगों की जांच करेगा। इसके बाद दोषियों पर मानवाधिकार एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। न्यायाधीश भल्ला ने बताया कि जिला प्रशासन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। पीड़ित जो सबूत आयोग को सौंपेंगे, पहले उनकी जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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18 जगहों पर जाकर देखे उपद्रव के निशान
आयोग की टीम ने जिले के दंगा प्रभावित 18 स्थानों का दौरा किया। टीम ने अशोका चौक, डी-पार्क, मेडिकल मोड़, पावर हाउस, कैप्टन अभिमन्यु की कोठी, सर्किट हाउस, इंडस पब्लिक स्कूल, हाईटेक उद्योग लिमिटेड, आईएमटी, स्कॉलर रोजरी स्कूल, बधवार मोटर्स, सत्यम माल, शीला बाईपास, सुखपुरा चौक, वीटा दूध प्लांट, पठानिया पब्लिक स्कूल, शिक्षा भारती स्कूल और सोनीपत रोड पर उपद्रव के दौरान की गई तोड़फोड़ और आगजनी की पड़ताल की।
जहां गए वहीं खुली पुलिस और प्रशासन की पोल
इस बार भी वही नजारा देखने को मिला जैसा कि आईपीएस प्रकाश सिंह जांच कमेटी की पूछताछ के दौरान था। आयोग की टीम जहां-जहां पीड़ितों से मिलने पहुंची वहीं पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की पोल खुली। किसी ने पुलिस पर दोष मढ़ा तो किसी ने प्रशासन को पंगु बताया। न्यायाधीश भल्ला ने पीड़ितों से मुआवजे की राशि मिलने या नहीं मिलने की बात भी पूछी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मुआवजा नहीं मिला तो वह आयोग को लिखित में शिकायत भेजे।
पीड़ितों को मेल आईडी और मोबाइल नंबर दिए
आयोग की टीम ने पीड़ितों को शिकायत करने के लिए वेबसाइट, ई-मेल, मोबाइल नंबर सहित अन्य संपर्क सूत्र भी बताए। न्यायाधीश एच.एस. भल्ला ने कहा कि उपद्रव के दौरान क्या-क्या हुआ और पुलिस और प्रशासन की क्या भूमिका रही, इन पहलुओं को लेकर आयोग की टीम जांच कर रही है।
जिले के अधिकारियों संग की मंत्रणा
हरियाणा मानवाधिकार आयोग की टीम ने सोमवार को जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान डीसी अतुल कुमार ने बताया कि जिले में स्थिति सामान्य है और प्रशासन हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। बैठक में टीम के अलावा एसपी शशांक आनंद और सीटीएम मनोज खत्री मौजूद रहे।