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महिलाएं बोली, जान दे देंगी जमीन नहीं देंगे
ब्यूरो /अमर उजाला, अंबाला
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:44 AM IST
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अंबाला कैंट। रेलवे कॉरिडोर बनाने के लिए पैमाइश करने पहुंचे रेलवे अधिकारियों, पुलिस को महिलाओं का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा। इन महिलाओं ने साफ कहा कि वे अपनी जान दे देंगी, लेकिन जमीन नहीं देंगे। काफी देर तक विवाद चलता रहा, लेकिन विरोध के चलते अधिकारियों को बैरंग ही लौटना पड़ा। हालांकि मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों सहित पुलिस बल भी मौजूद रहा, लेकिन महिलाओं व अन्य के विरोध के चलते पैमाइश नहीं हो पाई।
यह है मामला
रेलवे द्वारा कैंट की नई आबादी क्षेत्र से रेलवे कॉरिडोर बनाया जाना है। इसके लिए नगर निगम द्वारा रेलवे को यह जमीन ट्रांसफर की गई थी। रेलवे की उक्त योजना के लिए इस जमीन पर आने वाले मकानों को खाली कराया जाना है। इसी को लेकर पहले भी रेलवे अधिकारी पैमाइश करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन मामला विवादित रहा और पैमाइश नहीं हो पाई। जिन लोगों की जमीन इस योजना में आ रही है उनमें फूल सिंह, अमर सिंह, नारायणदास, नवीन, चुन्नी लाल, राजेश, सुरेश, हुकम चंद, माधोराम, मानसिंह, रामस्वरूप, मांगे राम आदि शामिल हैं।
यह रहा घटनाक्रम
वीरवार को दोपहर के समय तहसीलदार विक्रम सिंगला सहित रेलवे अधिकारी नई आबादी इलाके में पैमाइश के लिए पहुंचे। जैसे ही अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो लोगों ने विरोध करना शुरु कर दिया। अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन यह लोग नहीं माने। उनका कहना है कि पिछले कईं सालों से इस जगह पर अपना आशियाना बनाकर रह रहे हैं, जबकि अब उन्हें उजाड़ा जा रहा है। इसके बाद महिलाएं भी इस विरोध में आ गई और प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस इन को समझाती रही। इसी दौरान महिलाओं ने हाथ में कैरोसीन के तेल की कैनी लेकर पहुंच गई और साफ कहा कि यदि जमीन की पैमाइश की गई, तो वे अपनी जान दे देंगी। ऐसे में अधिकारियों के भी होश उड़ गए। करीब दो घंटे तक अधिकारियों व लोगों के बीच बातचीत होती रही। लेकिन लोग भी इस पैमाइश का विरोध करते रहे। आखिरकार प्रशासनिक अधिकारियों को बिना पैमाइश ही वापस लौटना पड़ा।
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पैमाइश के लिए आदेश आते हैं, जिसके बाद मौके पर जाकर कार्रवाई की जाती है। नई आबादी में विरोध के चलते पैमाइश नहीं हो सकी, जबकि इसकी रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है।
- विक्रम सिंगला, तहसीलदार
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यह है मामला
रेलवे द्वारा कैंट की नई आबादी क्षेत्र से रेलवे कॉरिडोर बनाया जाना है। इसके लिए नगर निगम द्वारा रेलवे को यह जमीन ट्रांसफर की गई थी। रेलवे की उक्त योजना के लिए इस जमीन पर आने वाले मकानों को खाली कराया जाना है। इसी को लेकर पहले भी रेलवे अधिकारी पैमाइश करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन मामला विवादित रहा और पैमाइश नहीं हो पाई। जिन लोगों की जमीन इस योजना में आ रही है उनमें फूल सिंह, अमर सिंह, नारायणदास, नवीन, चुन्नी लाल, राजेश, सुरेश, हुकम चंद, माधोराम, मानसिंह, रामस्वरूप, मांगे राम आदि शामिल हैं।
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यह रहा घटनाक्रम
वीरवार को दोपहर के समय तहसीलदार विक्रम सिंगला सहित रेलवे अधिकारी नई आबादी इलाके में पैमाइश के लिए पहुंचे। जैसे ही अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो लोगों ने विरोध करना शुरु कर दिया। अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन यह लोग नहीं माने। उनका कहना है कि पिछले कईं सालों से इस जगह पर अपना आशियाना बनाकर रह रहे हैं, जबकि अब उन्हें उजाड़ा जा रहा है। इसके बाद महिलाएं भी इस विरोध में आ गई और प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस इन को समझाती रही। इसी दौरान महिलाओं ने हाथ में कैरोसीन के तेल की कैनी लेकर पहुंच गई और साफ कहा कि यदि जमीन की पैमाइश की गई, तो वे अपनी जान दे देंगी। ऐसे में अधिकारियों के भी होश उड़ गए। करीब दो घंटे तक अधिकारियों व लोगों के बीच बातचीत होती रही। लेकिन लोग भी इस पैमाइश का विरोध करते रहे। आखिरकार प्रशासनिक अधिकारियों को बिना पैमाइश ही वापस लौटना पड़ा।
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पैमाइश के लिए आदेश आते हैं, जिसके बाद मौके पर जाकर कार्रवाई की जाती है। नई आबादी में विरोध के चलते पैमाइश नहीं हो सकी, जबकि इसकी रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है।
- विक्रम सिंगला, तहसीलदार