गोल्डन बूट या गोल्डन शूज अवॉर्ड उस खिलाड़ी को दिया जाता है, जिसने फीफा विश्व कप में सर्वाधिक गोल किए हो। इस अवॉर्ड की शुरुआत 1982 में हुई, तब इसका नाम गोल्डन शू था। फिर 2010 में इसे बदलकर गोल्डन बूट किया गया। 1994 में यह भी निर्णय लिया गया कि अगर दो खिलाड़ियों के गोल की संख्या समान हो तो फिर यह देखा जाएगा कि ज्यादा असिस्ट किस खिलाड़ी ने किए। फीफा की तकनीकी समिति इस पर गौर करते हुए अपना फैसला सुनाती है और विजेता का चयन किया जाता है।
Golden Boot Winners
2018 रूस

हैरी केन (इंग्लैंड)
6
2014 ब्राजील

जेम्स रॉड्रिग्ज (कोलंबिया )
6
2010 साउथ अफ्रीका

थॉमस मुलर (जर्मनी)
5
2006 जर्मनी

मिरोस्लाव क्लोज (जर्मनी)
5
2002 कोरिया / जापान

रोनाल्डो (ब्राजील)
8
1998 फ्रांस

डेवोर सुकेर (क्रोएशिया)
6
1994 यू एस ए

ओलेग सालेंको (रूस)

रिस्टो स्टोइकोव (बुल्गारिया)
1990 इटली

साल्वाटोर सिच्लाची (इटली)
6
1986 मेक्सिको

गैरी लिनेकर (इंग्लैंड)
6
1982 स्पेन

पाउलो रोसी (इटली )
6
1978 अर्जेंटीना

मारियो केम्पेस (अर्जेंटीना)
6
1974 वेस्ट जर्मनी

ग्रीजोगोर्ज लाटो (पोलैंड)
7
1970 मैक्सिको

गर्ड मुलर (वेस्ट जर्मनी)
10
1966 इंग्लैंड

यूसेबियो (पुर्तगाल)
9
1962 चिली

फ्लोरियन अल्बर्ट (हंगरी)

वेलेंटिन इवानोव (रूस)

गार्रिनचा (ब्राजील )

ड्रेजन जरकोविच (यूगोस्लाविया)

लियोनेल सांचेज (चिली)

वाव (ब्राजील)
1958 स्वीडन

जस्ट फोंटेन (फ्रांस)
13
1954 स्विट्ज़रलैंड

संदोर कॉसिस (हंगरी)
11
1950 ब्राजील

एडेमीर (ब्राजील)
8
1938 फ्रांस

लियोनिडास (ब्राजील)
7
1934 इटली

ऑल्डरिच नेजेडली (चेकोस्लोवाकिआ)
5
1930 उरुग्वे

स्टेबिल (अर्जेंटीना)
8