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सोना खरीदने की हड़बड़ी में भूल न जाएं ये पांच बातें
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 17 Apr 2013 12:12 PM IST
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सोने की कीमत 32 हजार से गिरकर 25 हजार पर आ पहुंची है। शादियों और निवेश के मद्देनजर अब सोने के गहनों के लिए मन मारने की जरूरत नहीं क्योंकि गहनें खरीदने का इससे सही समय भला क्या होगा।
ऐसे में अगर आप सोने के गहनों की खरीदारी का मन बना ही चुके हैं तो इन पांच बातों पर जरूर ध्यान दें, जिससे सोने का दाम गिरने के बावजूद भी आप खुद को ठगा हुए न महसूस करें।
सोने की शुद्धता
सोने के गहने लेते वक्त सबसे पहला विचार यही आता है कि वह कितना शुद्ध है और उसपर कितना रिटर्न मिलेगा। यूं तो हर दुकानदार अपने बेचे गए गहने को मार्केट में चल रहे रेट के अनुसार वापस लेने का दावा करता है लेकिन अगर आप उसके पास जाएंगे तो जरूरी नहीं कि दावे के अनुरूप ही मुनाफा मिले और सोना वाकई उतना शुद्ध हो जितना कि उसका दावा।
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ऐसे में सोने के लिए बीआईएस 916 हॉलमार्क को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शुद्धता का पैमाना माना जाता है जिसमें यह गारंटी होती है कि सोना 91.6 प्रतिशत खरा है यानी 22 कैरट है।
हॉलमार्क चार्ज
हॉलमार्क के गहने खरीदते वक्त आपको थोड़ी कीमत अधिक देनी होगी जिसमें इस परीक्षण की लागत को शामिल किया जाता है। कई बार हॉलमार्क के गहनों की कीमत भी अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग हो सकती है। इसलिए कई जगहों पर जानकारी लेकर उपयुक्त जगह से ही हॉलमार्क सोना खरीदें।
मेकिंग चार्ज
मेकिंग चार्ज अलग-अलग गहनों के मुताबिक अलग-अलग होता है जिसे ज्वेलर्स सोने के गहने बनाने के मेहनताने के रूप में लेते है। ऐसे में ज्वेलरी खरीदते वक्त अलग-अलग जगहों के मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर ले लें जिससे आपके गहने की कीमत में कम से कम मेकिंग चार्ज हो और सोना या मेटल अधिक हो।
जब भी आप गहने बेचेंगे मेकिंग चार्ज की कीमत का नुकसान तो होगा ही क्योंकि बेचते वक्त तो आपको सोने की कीमत ही मिलेगी। ऐसे में कम से कम मेकिंग चार्ज वाली खरीदारी ही फायदे का सौदा है। हां, ध्यान रखें आप सोने में जितने अधिक नग और डिजाइन की मांग करेंगे, उपसपर मेकिंग चार्ज उतना अधिक होगा और सोने की शुद्धता उतनी कम हो सकती है।
मेकिंग चार्ज टैग
प्रतियोगिता के इस दौर में आजकल कई ज्वेलर्स अपने गहनों पर मेकिंग चार्ज का भी टैग लगाते हैं जिससे आपको गहने बनवाने में आसानी हो सकती है। लेकिन इसके लिए भी आपको मार्केट का जायजा लेना ही होगा।
टैग पर मेकिंग चार्ज क्या है, इसका फायदा गहने बनवाते वक्त हो सकता है क्योंकि इसमें कीमत बढ़ने-घटने की आशंका अधिक रहती है पर खरीदते वक्त इससे क्या फर्क पड़ता है कि टैग में क्या छपा है, आपकी नजर तो सबसे कम मेकिंग चार्ज वाले गहने पर होगी जिसे खरीदते वक्त ही मेकिंग चार्ज देना होगा।
वेस्टेज चार्ज
सोने की कीमत कम है इसलिए अगर आप अपने पुराने गहने बदलकर कुछ नया बनवाना चाहते हैं तो हो सकता है आपको गहने का वेस्टेज ज्वेलर को देना पड़े।
आमतौर पर यह मानते हैं कि सोने के गहनों को दूसरे गहने में बदलते वक्त कुछ हिस्से का नुकसान होता है लेकिन जौहरी इसे वापस निकाल लेते हैं। ऐसे में वेस्टेज चार्ज के नाम पर ठगे जाने की आशंका भी बढ़ जाती है। बेहतर होगा कि आप कई जगहों पर वेस्टेज चार्ज का पता करें और फिर है गहनें बदलवाएं।
ईएमआई पर गहने
आजकल कई बड़े ज्वेलर्स इस तरह की स्कीम चलाते हैं जिसमें अगर आप एक साथ गहने की पूरी कीमत नहीं दे पा रहे हैं तो सोने के गहनों की कीमत ईएमआई में चुकाएं। हो सकता है आपकी आखिरी किश्त भी वे भर दें। कई बार बड़ी खरीदारी करने पर भी तरह-तरह के निवेश का ऑफर ज्वेलर्स देते हैं। ये ऑफर कितने काम के हैं, यह तो नहीं कह सकते लेकिन ईएमआई पर सोना खरीदने से एक बार में आपका बजट बिगड़ने से तो जरूर बचेगा।
सोने के गहने जरूर खरीदें लेकिन इनकी कीमत, शुद्धता जैसी सभी कसौटियों को परखने के बाद।
24,000 तक गिर सकता है सोना, ये हैं तीन कारण
चार ग्रहों के योग से और दो हफ्ते सोना होगा सस्ता
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ऐसे में अगर आप सोने के गहनों की खरीदारी का मन बना ही चुके हैं तो इन पांच बातों पर जरूर ध्यान दें, जिससे सोने का दाम गिरने के बावजूद भी आप खुद को ठगा हुए न महसूस करें।
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सोने की शुद्धता
सोने के गहने लेते वक्त सबसे पहला विचार यही आता है कि वह कितना शुद्ध है और उसपर कितना रिटर्न मिलेगा। यूं तो हर दुकानदार अपने बेचे गए गहने को मार्केट में चल रहे रेट के अनुसार वापस लेने का दावा करता है लेकिन अगर आप उसके पास जाएंगे तो जरूरी नहीं कि दावे के अनुरूप ही मुनाफा मिले और सोना वाकई उतना शुद्ध हो जितना कि उसका दावा।
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ऐसे में सोने के लिए बीआईएस 916 हॉलमार्क को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शुद्धता का पैमाना माना जाता है जिसमें यह गारंटी होती है कि सोना 91.6 प्रतिशत खरा है यानी 22 कैरट है।
हॉलमार्क चार्ज
हॉलमार्क के गहने खरीदते वक्त आपको थोड़ी कीमत अधिक देनी होगी जिसमें इस परीक्षण की लागत को शामिल किया जाता है। कई बार हॉलमार्क के गहनों की कीमत भी अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग हो सकती है। इसलिए कई जगहों पर जानकारी लेकर उपयुक्त जगह से ही हॉलमार्क सोना खरीदें।
मेकिंग चार्ज
मेकिंग चार्ज अलग-अलग गहनों के मुताबिक अलग-अलग होता है जिसे ज्वेलर्स सोने के गहने बनाने के मेहनताने के रूप में लेते है। ऐसे में ज्वेलरी खरीदते वक्त अलग-अलग जगहों के मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर ले लें जिससे आपके गहने की कीमत में कम से कम मेकिंग चार्ज हो और सोना या मेटल अधिक हो।
जब भी आप गहने बेचेंगे मेकिंग चार्ज की कीमत का नुकसान तो होगा ही क्योंकि बेचते वक्त तो आपको सोने की कीमत ही मिलेगी। ऐसे में कम से कम मेकिंग चार्ज वाली खरीदारी ही फायदे का सौदा है। हां, ध्यान रखें आप सोने में जितने अधिक नग और डिजाइन की मांग करेंगे, उपसपर मेकिंग चार्ज उतना अधिक होगा और सोने की शुद्धता उतनी कम हो सकती है।
मेकिंग चार्ज टैग
प्रतियोगिता के इस दौर में आजकल कई ज्वेलर्स अपने गहनों पर मेकिंग चार्ज का भी टैग लगाते हैं जिससे आपको गहने बनवाने में आसानी हो सकती है। लेकिन इसके लिए भी आपको मार्केट का जायजा लेना ही होगा।
टैग पर मेकिंग चार्ज क्या है, इसका फायदा गहने बनवाते वक्त हो सकता है क्योंकि इसमें कीमत बढ़ने-घटने की आशंका अधिक रहती है पर खरीदते वक्त इससे क्या फर्क पड़ता है कि टैग में क्या छपा है, आपकी नजर तो सबसे कम मेकिंग चार्ज वाले गहने पर होगी जिसे खरीदते वक्त ही मेकिंग चार्ज देना होगा।
वेस्टेज चार्ज
सोने की कीमत कम है इसलिए अगर आप अपने पुराने गहने बदलकर कुछ नया बनवाना चाहते हैं तो हो सकता है आपको गहने का वेस्टेज ज्वेलर को देना पड़े।
आमतौर पर यह मानते हैं कि सोने के गहनों को दूसरे गहने में बदलते वक्त कुछ हिस्से का नुकसान होता है लेकिन जौहरी इसे वापस निकाल लेते हैं। ऐसे में वेस्टेज चार्ज के नाम पर ठगे जाने की आशंका भी बढ़ जाती है। बेहतर होगा कि आप कई जगहों पर वेस्टेज चार्ज का पता करें और फिर है गहनें बदलवाएं।
ईएमआई पर गहने
आजकल कई बड़े ज्वेलर्स इस तरह की स्कीम चलाते हैं जिसमें अगर आप एक साथ गहने की पूरी कीमत नहीं दे पा रहे हैं तो सोने के गहनों की कीमत ईएमआई में चुकाएं। हो सकता है आपकी आखिरी किश्त भी वे भर दें। कई बार बड़ी खरीदारी करने पर भी तरह-तरह के निवेश का ऑफर ज्वेलर्स देते हैं। ये ऑफर कितने काम के हैं, यह तो नहीं कह सकते लेकिन ईएमआई पर सोना खरीदने से एक बार में आपका बजट बिगड़ने से तो जरूर बचेगा।
सोने के गहने जरूर खरीदें लेकिन इनकी कीमत, शुद्धता जैसी सभी कसौटियों को परखने के बाद।
24,000 तक गिर सकता है सोना, ये हैं तीन कारण
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