{"_id":"5c14ba66bdec2255585ddbd6","slug":"miss-universe-2018-india-nehal-chudasama-national-costume","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मिस यूनिवर्स 2018: नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड में इस भारतीय योद्धा के रूप में नजर आईं नेहल चुडासमा","category":{"title":"Fashion street","title_hn":"फैशन स्ट्रीट","slug":"fashion-street"}}
मिस यूनिवर्स 2018: नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड में इस भारतीय योद्धा के रूप में नजर आईं नेहल चुडासमा
Sat, 15 Dec 2018 03:16 PM IST
Sumit kumar
फैशन डेस्क, अमर उजाला
फैशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Sumit kumar
Updated Sat, 15 Dec 2018 03:16 PM IST
विज्ञापन
nehal chudasama
- फोटो : twitter
मिंस इंडिया के बाद मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता चल रही है, जिसमें इस बार भारत का प्रतिनिधित्व नेहल चुडासमा कर रही हैं। थाईलैंड में चल रही इस प्रतियोगिता की कई तस्वीरें सामने आई है, जिसमें पहले नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड हुआ था और अब बिकिनी राउंड हुआ है।
विज्ञापन
nehal chudasama
- फोटो : twitter
नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड के लिए नेहल सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने में कामयाब हुईं। इस दौरान वह भारतीय योद्धा राजकुमारी रुद्रम देवी के लुक में नजर आईं। उन्होंने अपने इंस्टा अकाउंट पर अपने इस लुक की तस्वीर पोस्ट कर बताया कि उनकी राष्ट्रीय पोशाक फिल्म 'रुद्रमा देवी' के दृश्यों से प्रेरित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
nehal chudasama
- फोटो : twitter
नेहल ने आगे बताया कि रुद्रम देवी की ताकत और बहादुरी की कहानियों से वह काफी प्रेरित हैं। दूसरों की मदद करने के लिए उनका जुनून वह खुद में भी देखती हैं। वह बताती हैं, रुद्रम देवी और उनके व्यक्तित्व के बीच बहुत सारी समानताएं हैं और उन्हें गर्व है कि उन्हें ऐसी मजबूत और प्रेरणादायक पर्सनैलिटी को रिप्रेजेंट करने का मौका मिला।
nehal chudasama
नेहल का यह ड्रेस फेमस डिजाइनर नीता लुल्ला ने डिजाइन किया है। नेहल के इस ड्रेस का वजन 50 किलो है। तस्वीरों में उन्हें देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा कि उन्होंने इतनी भारी पोशाक पहनी होगी। उन्होंने इसे बहुत ग्रेसफुली कैरी किया है।
nehal chudasama
बता दें, पिछले साल मिस यूनिवर्स का खिताब साउथ अफ्रीका की Demi leigh nel peters ने जीता था, जो इस बार की विजेता को यह ताज पहनाएंगी। आखिरी बार भारत ने साल 2000 में यह खिताब अपने नाम किया था, जिसमें लारा दत्ता को साइप्रस में विजेता का ताज पहनाया गया था।