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Hindi News ›   Fact Check ›   Video of US Operation Iraqi Freedom in 2003 shared as Iran's attack on Israel

Fact Check: 2003 में इराक पर अमेरिकी हमले के वीडियो को इस्राइल पर ईरान का हमला बताकर शेयर

Tue, 17 Jun 2025 04:33 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 17 Jun 2025 04:33 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में काफी तेज धमाके होते हुए नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इस्राइल पर ईरान का अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।

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Video of US Operation Iraqi Freedom in 2003 shared as Iran's attack on Israel
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक बड़े विस्फोट की तस्वीर शेयर की जा रही है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह इस्राइल पर ईरान का अब तक का सबसे बड़ा हमला है। ईरान के इस हमले ने इस्राइल को बुरी तरह से डरा दिया है। इस्राइल ईरान के इस तरह के हमलों के झेल नहीं पा रहा है। कहा जा रहा है कि इस्राइल इस चुनौती का सामना मजबूती से नहीं कर पाएगा। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में पाया गया कि यह वीडियो पुराना है। जांच के दौरान हमें पता चला कि वीडियो 2003 का है, जब अमेरिका ने इराक के बगदाद में हवाई हमले शुरू किए थे। 

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आपको बता दें कि 13 जून को ईरान पर इस्राइल ने एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में ईरान के 20 टॉप कमांडर मारे गए। इनमें आर्मी और एयरफोर्स चीफ भी शामिल हैं। इस्राइल ने शुक्रवार सुबह 200 फाइटर जेट्स से 6 ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने शुक्रवार दोपहर में इस्राइल पर जवाबी हमले किए। ईरान ने 100 से ज्यादा ड्रोन दागे। तब से दोनों पक्षों में तनाव जारी है। अब हालात काफी तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। इसी बीच यह वीडियो सामने आया है। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह इस्राइल पर ईरान का अब तक का सबसे बड़ा हमला है। इस हमले ने इस्राइल को हिला कर रख दिया है। 

मोहम्मद पुर सोहाग (@Mohammedpursohg) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “यह इजरायल पर ईरान का अब तक का सबसे बड़ा हमला है, जिसने क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। ईरान ने अपनी चाल तेज कर दी है, और इजरायल उसके साथ तालमेल बिठाने के लिए संघर्ष कर रहा है। लेकिन क्या वे इस चुनौती का सामना करेंगे या मजबूरन समझौता करना” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।


इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया यहां हमें यह वीडियो द क्विंट पर देखने को मिला। इस वीडियो का फैक्ट चेक क्विंट ने 9 अप्रैल 2024 को किया था। यहां से पता चला कि वीडियो पुराना है। उस समय इस वीडियो को हाइफ़ा की कब्जे वाली तेल रिफाइनरियों में लगी आग का बताकर शेयर किया जा रहा था। 

 

 

इसके बाद हमें गेटी इमेज में यह विजुअल देखने को मिला। गेटी इमेजेज होल्डिंग्स, एक विज़ुअल मीडिया कंपनी है। इस वीडियो को यहां अपलोड करके कैप्शन लिखा गया था “इराक युद्ध के दौरान बगदाद पर 'शॉक एंड अवे' बमबारी अभियान; 2003” इसकी विस्तृत जानकारी देखने से हमें पता चला कि वीडियो 2003 में बनाया गया था और गेटी इमेज पर 2013 में अपलोड किया गया था। 

 

कीफ्रेम से सर्च करने पर हमें सीएनएन के यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड मिला। इस वीडियो को 2016 में अपलोड करके लिखा गया था “शॉट 03/21/2003. रात में बगदाद पर बम गिराए गए.” 

 

 

ऑपरेशन शॉक एंड अवे: इराक, 2003 के बारे में पता करने के लिए हमने कीवर्ड से सर्च किया तो हमें पीयू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट मिली। 2023 में प्रकाशित हुई इस रिपोर्ट में बताया गया था कि बीस साल पहले, संयुक्त राज्य अमेरिका ने इराक पर एक बड़ा सैन्य आक्रमण किया था, जो एक दशक से भी कम समय में उस देश में दूसरी बार युद्ध लड़ने का प्रतीक था। यह आठ साल के संघर्ष की शुरुआत थी जिसके परिणामस्वरूप 4,000 से अधिक अमेरिकी सैन्यकर्मियों और हज़ारों इराकियों की मृत्यु हुई। युद्ध 19 मार्च, 2003 को अमेरिकी सैन्य शक्ति के जबरदस्त प्रदर्शन के साथ शुरू हुआ, जिसे अविस्मरणीय वाक्यांश "शॉक एंड अवे" द्वारा वर्णित किया गया है। कुछ ही हफ़्तों के भीतर, संयुक्त राज्य अमेरिका ने ऑपरेशन इराकी फ़्रीडम का प्राथमिक उद्देश्य हासिल कर लिया, जैसा कि सैन्य अभियान कहा जाता था, तानाशाह सद्दाम हुसैन के शासन को उखाड़ फेंका।

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो का इस्राइल पर ईरान के हालिया हमले से कोई संबंध नहीं है। वीडियो 2003 का है जिसे भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

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