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Fact Check: ईरान में 2017 में हुए प्रदर्शन के वीडियो को इस्राइल के हमले से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Mon, 16 Jun 2025 05:04 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 16 Jun 2025 05:04 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में कुछ लोग पुलिस के साथ झड़प करते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इस्राइल के हमले के बाद ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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Video of a 2017 protest in Iran is being shared as a link to Israel's attack
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोगों की भीड़ पुलिस के साथ झड़प करती हुई नजर आ रही है। वीडियो में लोग आपस में लड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस्राइल के साथ मौजूदा तनाव के बीच ईरानी अपनी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने जांच के दौरान पाया कि वीडियो पुराना है। खोजने पर हमें पता चला कि वीडियो कम से कम दिसंबर 2017 से इंटरनेट पर उपलब्ध है। इसका ईरान में मौजूदा स्थिति से कोई संबंध नहीं है।

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आपको बता दें 13 जून को ईरान पर इस्राइल ने एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में ईरान के 20 टॉप कमांडर मारे गए। इनमें आर्मी और एयरफोर्स चीफ भी शामिल हैं। इस्राइल ने शुक्रवार सुबह 200 फाइटर जेट्स से 6 ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने शुक्रवार दोपहर में इस्राइल पर जवाबी हमले किए। ईरान ने 100 से ज्यादा ड्रोन दागे। तब से दोनों पक्षों में तनाव जारी है।

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस्राइल के ईरान पर हमला करने के बाद ईरान के लोग सरकार से गुस्सा हैं और उसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 

एली अफ्रियाट (@EliAfriatISR) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “ईरान में शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 
  पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो फरनाज़ फसीही (@farnazfassihi) नाम के एक एक्स अकाउंट से 2017 में शेयर किया गया मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “#करमानशाह पुलिस प्रदर्शनकारियों की पिटाई कर रही है। #ईरानविरोध #ईरान”। आपको बता दें कि करमानशाह ईरान का एक शहर है।   

आगे हमें एक और एक्स अकाउंट मिला जहां इस वीडियो को दिसंबर 2017 में पोस्ट किया गया था। पोटकिन अज़रमेहर नाम के एक्स अकाउंट से वीडियो को शेयर कर लिखा गया था “पश्चिम ईरान के केरमानशाह में कानून प्रवर्तन बलों ने प्रदर्शनकारियों की पिटाई की, लेकिन लोग अब डरे हुए नहीं हैं! #Iranprotests”   

  कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर हमें ग्लोबल न्यूज पर यह रिपोर्ट देखने को मिली। ग्लोबल न्यूज़ कनाडाई ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क का समाचार प्रभाग है । रिपोर्ट में बताया गया कि ईरानी पुलिस ने करमानशाह में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इसे दिसंबर 2017 में पोस्ट किया गया था। 



रॉयटर्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार ईरान के पश्चिमी शहर केरमानशाह में सरकार विरोधी नारे लगा रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए शुक्रवार को पुलिस बलों ने हस्तक्षेप किया। यह घटना देश के उत्तर-पूर्व में इसी तरह के विरोध प्रदर्शनों के एक दिन बाद हुई। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि लगभग 300 प्रदर्शनकारियों ने "राजनीतिक कैदियों को रिहा किया जाना चाहिए" और "आजादी या मौत" जैसे नारे लगाए और सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर दिया।


पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2017 का है। यह ईरान में सरकार की खिलाफ हुए प्रदर्शन का पुराना वीडियो है। इसका हालिया घटना से कोई संबंध नहीं है। 

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