फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check: Claim that Israelis are reciting the Hanuman Chalisa in Hebrew is AI-generated;

फैक्ट चेक: एआई से बना है इस्राइली लोग हिब्रू भाषा में हनुमान चालीसा पढ़ने का दावा, पढ़ें पड़ताल

Thu, 29 Oct 2026 02:50 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला, नई दिल्ली
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 29 Oct 2026 02:50 PM IST
सार

फैक्ट चेक: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस्राइली लोग हिब्रू भाषा में हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।  

विज्ञापन
Fact Check: Claim that Israelis are reciting the Hanuman Chalisa in Hebrew is AI-generated;
Fact Check - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग गाते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही यहां पर भगवान हनुमान की तस्वीर लगी नजर आ रही है। दूसरी तरफ कैप्टन स्मित मच्छार की। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस्राइल में एक कॉन्सर्ट आयोजित हुआ, जिसमें हजारों इस्राइली लोग हिब्रू भाषा में हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं। वहीं, यह कार्यक्रम भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में आयोजित किया गया था।

विज्ञापन

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है। 

बता दें कि स्मित मच्छार ने 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के क्रू और यात्रियों की जान बचाई थी। दरअसल, विमान में 170 से ज्यादा लोग सवार थे। आरोप है कि ओमान के रहने वाले सह-पायलट ने कॉकपिट के अंदर आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाली कुल्हाड़ी से मच्छार पर हमला किया था। उसने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की भी कोशिश की। मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे थे। इससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर आने का मौका मिला। उन्होंने मिलकर हमलावर को पकड़ लिया। विमान में मौजूद दूसरे पायलटों ने उसका नियंत्रण संभाला। इसके बाद विमान का रास्ता बदलकर उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक शहर की ओर कर दिया गया। वहां विमान सुरक्षित उतर गया। 

विज्ञापन

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस्राइली लोग हिब्रू भाषा में हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं। 

दिनेश त्रिपाठी नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,’तेल अवीव बीच पर इज़रायली लोगों ने हमारे भारतीय पायलट कैप्टन सुमित के सम्मान में हिब्रू भाषा में बहुत ही सुंदर ढंग से “ हनुमान चालीसा ” गाई.।उन्होंने 'फ्लाईदुबई'  की उड़ान पर एक ओमानी आतंकवादी के हमले के दौरान इस शक्तिशाली " हनुमान चालीसा " मंत्र का पाठ किया था, और इस तरह कई यहूदी लोगों की जान बचाई.! जय श्री राम, जय हनुमान’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और  यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एनडीटीवी का एक वीडियो मिला। यह वीडियो 6 अक्तूबर को साझा किया गया है। यहां बताया गया है कि इस्राइली गायक बेन राइविट्ज़ ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। हाल ही में कॉकपिट में हुई आपातकालीन स्थिति के दौरान कैप्टन स्मित ने जिस तरह से काम किया, उसके लिए उनकी काफी तारीफ हुई थी। 

 

इसके बाद हमने वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में हमें कई कमियां नजर आई। जैसे वीडियो क्वालिटी ज्यादा थी। यहां से हमें वीडियो के एआई से बने का संदेह हुआ। हमने वीडियो के पड़ताल के लिए एआई टूल हाइव इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को 72.1 फीसदी एआई से पाया।

 

इसके बाद हमें Secrets of Vadas नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 23 अक्तूबर 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही बताया गया है कि यह सनातन धर्म की भक्तिपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए तैयार किया गया एक 'कॉन्सेप्ट आर्ट' वीडियो है। यह 'इंडो-इस्राइल कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम' का हिस्सा है, न कि किसी लाइव कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग। इसमें पारंपरिक धुनों पर आधारित संगीत का उपयोग किया गया है, और संगीत रचना तथा कलात्मक पृष्ठभूमि (आर्ट बैकड्रॉप्स) तैयार करने के लिए लाइसेंस प्राप्त AI-आधारित टूल्स का सहारा लिया गया है।

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को एआई से बना पाया। इस वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed