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Fact Check: नेपाल के अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से बिना बेड़ियों के वापस भेजने का दावा गलत, पढ़ें पड़ताल

Sun, 09 Mar 2025 01:21 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sun, 09 Mar 2025 01:21 PM IST
सार

Fact check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि नेपाल के लोगों को बिना बेड़ियों को वापस उनके देश भेजा गया। 

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US claims of sending back illegal Nepalese immigrants without shackles is false
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें अमेरिका के एक चार्टर्ड प्लेन से अमेरिका में रह रहे नेपाल के अवैध अप्रवासी को वापस लाया गया। 
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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके इसकी तुलना भारत से की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि नेपाल के लोगों को अमेरिका द्वारा चार्टर्ड प्लेन में भेजा गया है। साथ ही उनके हाथों और पैरों को भी नहीं बांधा गया था। भारत के अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से भारत तक हाथों और पैरों को बांध कर लाया गया था। 

रोशन राय (@RoshanKrRaii) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “ये नेपाल से अवैध अप्रवासियों को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निर्वासित किए जाने के दृश्य हैं। उन्हें चार्टर विमान में सम्मान के साथ वापस लाया गया। कोई हथकड़ी नहीं, कोई सैन्य विमान नहीं, कोई यातना नहीं, अब इसकी तुलना विश्व गुरु के नागरिकों को निर्वासित करने के तरीके से करें।” (पोस्ट का आर्काइव लिक)
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विजय थोट्टाथिल (@vijaythottathil) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “नेपाल ने अवैध अप्रवासियों को वापस लाने के लिए चार्टर्ड विमान भेजा, वह भी बिना हथकड़ी और बेड़ियों के। हमारे पास भी विश्व गुरु हैं, हम भारतीयों की गरिमा भी नहीं बचा सकते!” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
 

अभिजीत राज (@AbhijitRajINC) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “अमेरिका ने नेपाल के अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेज दिया है। किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। किसी को हथकड़ी नहीं लगाई गई। विशेष चार्टर विमान की व्यवस्था की गई। अब तुलना करें कि भारतीयों को कितनी यातनाएं देकर भेजा गया। मोदी की अक्षमता की कीमत भारतीयों को क्यों चुकानी चाहिए।” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
 

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड के माध्यम से इन खबरों को खोजने की कोशिश की। यहां हमें नेपाल के अखबार काठमांडू पोस्ट पर इस मामले से जुड़ी हुई खबर मिली। इस खबर के मुताबिक एक नेपाली अधिकारी ने पोस्ट को बताया कि, "काठमांडू जाते समय उनके हाथ-पैर पूरी तरह से बेड़ियों से जकड़ दिए गए थे," बाद में, उन्हें आगे की पूछताछ के लिए नेपाल पुलिस की तस्करी विरोधी इकाई को सौंप दिया गया।”

आगे हमे नेपाल के एक और डिजिटल न्यूज वेबसाइट ऑनलाइन खबर पर इस मामले से जुड़ी एक खबर देखने को मिली। इस खबर में बताया गया था कि “अमेरिका से निर्वासित आठ नेपाली नागरिक हथकड़ी में काठमांडू पहुंचे। काठमांडू में उतरने पर उन्होंने नेपाली अधिकारियों को बताया कि उन्हें पूरी यात्रा के दौरान रोका गया। निर्वासितों में से एक ने कहा, "हमें न केवल हथकड़ी लगाई गई थी, बल्कि अमेरिका से निकलते समय हमारे पैरों में जंजीर भी थीं।" "यात्रा के बाद जंजीरें हटा दी गई, लेकिन उड़ान के दौरान हमें मुश्किल से हिलने-डुलने दिया गया। यहां तक कि शौचालय का उपयोग करने के लिए भी कई बार अनुरोध करना पड़ा।"

पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि नेपाल के अवैध प्रवासियों को भी अमेरिका ने बेड़ियों को साथ ही वापस भेजा है। 
 
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