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Fact Check: महेंद्र सिंह धोनी का भाजपा में शामिल होने का दावा गलत, एआई की मदद से बनी है फोटो

Wed, 09 Apr 2025 07:35 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Wed, 09 Apr 2025 07:35 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक तस्वरी शेयर की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि धोनी भाजपा में शामिल हो गए हैं। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ है। 

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The claim of Mahendra Singh Dhoni joining BJP is false, the photo was created with the help of AI
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में धोनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हुए नजर आ रहे हैं। इस फोटो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए हैं। 

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फोटो में देखा जा सकता है कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खड़े हैं और दूसरी तरफ महेंद्र सिंह धोनी नजर आ रहे हैं। दोनों ने गले में भाजपा का भगवा गमछा पहना हुआ है, जिस पर भाजपा के प्रतीक चिह्न बना हुआ है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया है कि यह तस्वीर गलत है। इस तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। साथ ही यह तस्वीर हमें किसी भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट में नहीं मिली। एआई की तस्वीरों का पता लगाने वाले टूल से जांच करने पर हमें फोटो की सच्चाई पता चली। 
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क्या है दावा
फोटो को शेयर करके रेखा गुप्ता इनसाइट नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “एमएस धोनी भाजपा में शामिल हुए, विपक्ष के लिए दुखद सपने जैसा”

 

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पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं। 


इसी तरह के कई और दावे आप यहां और यहां देख सकते है। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां भी देख सकते हैं। 

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इस फोटो को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस तस्वीर का इस्तेमाल किसी भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट में देखने को नहीं मिला। तस्वीर को ध्यान से देखने पर हमें तस्वीर में कुछ विसंगतियां नजर आईं जो आमतौर पर एआई से बनी हुई तस्वीरों में होती है। प्रधानमंत्री का चश्मा देखने पर हमें उनका चश्मा चेहरे से मिलता जुलता दिखाई दिया। 

 

 

इस फोटो के बारे में और ज्यादा जानने के लिए हमने हाइव मॉडरेशन पर इस फोटो को जांचा। हाइव एआई के माध्यम से बनी तस्वीरों का पता लगाने का काम करता है। इस टूल ने वायरल हो रही तस्वीरे का एआई से बने होने की 99.9% संभावना जताई। 

 

 

पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि फोटो को एआई यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया है। 

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