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Hindi News ›   Fact Check ›   picture of the meeting between PM Narendra Modi and Pakistan Army Chief Asim Munir is AI generated

Fact Check: फर्जी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के सेना प्रमुख की मुलाकात की तस्वीर, पढ़ें पड़ताल

Thu, 06 Mar 2025 07:32 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Thu, 06 Mar 2025 07:32 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने मुलाकात की है। 

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picture of the meeting between PM Narendra Modi and Pakistan Army Chief Asim Munir is AI generated
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की एक तस्वीर शेयर की जा रही है। दोनों एक नक्शा पकड़े हुए नजर आ रहे हैं। 
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क्या है दावा 
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि असीम मुनीर ने नरेंद्र मोदी को कश्मीर का नक्शा भेंट किया। कहा जा रहा है कि असीम मुनीर ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की है। 
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इमरान टाइगर नाम के एक फेसबुक अकाउंट से इस तस्वीर को पोस्ट किया गया है। साथ में लिखा गया कि आसिम मुनीर ने नरेंद्र मोदी को कश्मीर का नक्शा भेंट किया (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
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KhanzSoldier (@ShahidaLaghari) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “शेयर करें गद्दारों की शकलें, बेच दिया कश्मीर” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
 

बिलाल एआई (@thebilal_a) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “भारत प्रशासित कश्मीर" असीम मुनीर ने नरेंद्र मोदी को कश्मीर का नक्शा भेंट किया। (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
 

पड़ताल 
इस तस्वीर की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट को खोजने की कोशिश की। लेकिन कई कीवर्ड से ढूंढने के बाद भी हमें इससे जुड़ी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद आगे बढ़ते हुए हमने इस फोटो को ध्यान से देखा तो प्रधानमंत्री और पाकिस्तान सेना प्रमुख का उंगलियों और आंखों में कुछ विसंगतियां देखने को मिली। इसे बाद हमें शक हुआ की तस्वीर को एआई से बनाया गया है। 

इसके बाद हमने हाइव मॉडरेशन का उपयोग करके तस्वीर का विश्लेषण किया, जो AI द्वारा उत्पन्न दृश्यों का पता लगाने का उपकरण है। हाइव से पता चला कि तस्वीर में AI द्वारा उत्पन्न या डीपफेक सामग्री होने की 99.3% संभावना है।



पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि तस्वीर को एआई से बनाकर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 



 
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