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Fact Check: मृतक का माथा चूमने बच्चे की तस्वीर पहलगाम में मारे गए आदिल के बेटे की बताकर वायरल, पढ़ें पड़ताल

Sat, 26 Apr 2025 05:06 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 26 Apr 2025 05:06 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है, जिसमें एक बच्चा मृतक का माथा चूम रहा है। इस तस्वीर को पहलगाम हमले में मारे गए कश्मीरी युवक आदिल और उसके बेटे की आखिरी तस्वीर बताकर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।

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Photo of a child kissing the forehead of a deceased goes viral claiming it to be the son of Adil who was kille
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में एक बच्चा शव के माथे को चूमते हुए नजर आ रहा है। तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर पहलगाम से सामने आई है, जहां आतंकी हमले में मारे गए सैयद आदिल हुसैन शाह का बेटा उसका माथा चूम कर उन्हें विदाई दे रहा है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने जब इस तस्वीर की जांच की तो पता चला कि यह तस्वीर पहलगाम में हुए हमले से पहले से इंटरनेट पर मौजूद है। हमें यह तस्वीर 12 अप्रैल को कई सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर मिली। कई पोस्ट में इस फोटो के साथ गाजा टैग किया गया था। हमें इससे जुड़ी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली लेकिन फोटो हमले के पहले की तारीख से इंटरनेट पर मौजूद है। 

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आपको बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हिंदू टूरिस्टों पर हमला कर दिया था। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई। हमले में मारे गए लोगों में सैयद आदिल हुसैन शाह की भी शामिल थे, जो पहलगाम आए सैलानियों को घोड़े की सैर कराने का काम करते थे। आदिल ने आतंकियों से लड़ने की कोशिश की जिसके बाद उन्हें मार दिया गया। 

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क्या है दावा 

शव का माथा चूमते बच्चे की फोटो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए सैयद आदिल हुसैन शाह के बेटे ने उनके माथे को चूम कर उन्हें अंतिम विदाई दी।

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अमित मिश्रा (@amitmishrainn) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “ये तस्वीर आपको अंदर से झकझोर देगी, ये शव पहलगाम के जांबाज बहादुर सैयद आदिल  हुसैन शाह का है.फोटो में अपने शहीद बाप की पेशानी चूमता हुआ उसका बेटा सैयद आदिल  हुसैन शाह जो अपने हिन्दू टूरिस्टों की की जान बचाने के लिए आतंकवादी से निहत्थे अकेले भिड़ गये और शहीद हो गए!” इस दावे के लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इस दावे का स्क्रीनशॉट भी आप नीचे देख सकते हैं। 

  इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल  

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह तस्वीर सुबुहा अंजुम सिद्दीकी नाम के एक एक्स अकाउंट पर देखने को मिली। इस तस्वीर को 12 अप्रैल 2025 को पोस्ट किया गया था। इसमें उर्दू भाषा में एक कैप्शन भी लिखा हुआ था जिसका हिंदू अनुवाद है “उत्पीड़न शक्तिशाली है, उत्पीड़न अहंकारी है सत्ता की धुरी उत्पीड़न से भरी है। हम भी अपनी क्षमता का परीक्षण करने वाले हैं हम जानते हैं कि हम लक्ष्य पर हैं #RiseForGazaNow गाजा के टैग से इस तस्वीर के फिलिस्तीन और गाजा से होने के संकेत मिल रहे है। पोस्ट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं। 

 आगे हमें ज़ैनब नाम के एक और एक्स अकाउंट पर भी यह पोस्ट देखने को मिला। इस पोस्ट पर भी उर्दू में एक कैप्शन लिख कर 13 अप्रैल को पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट में भी गाजा को टैग किया गया था।
 

पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों के द्वारा हमला किया गया था। इस हमले में 26 लोगों को जान गई थी। जिसमें से एक सैयद आदिल हुसैन शाह भी थे, जिन्होंने आतंकियों से लड़ने की कोशिश की थी। आदिल की हत्या 22 अप्रैल को हुई थी, लेकिन इस तस्वीर की बात करें तो यह 12 अप्रैल से हमें इंटरनेट पर दिख रही है। 

  आगे हमें टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर देखने को मिली। खबर में आदिल की पत्नी और बेटा होने की कोई सूचना नहीं मिली। आदिल के पिता, माता और बहन का जिक्र खबर में किया गया है लेकिन पत्नी और बेटे का कोई जिक्र हमें नहीं मिला। 

पड़ताल की नतीजा  

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि किसी अन्य मृतक की तस्वीर को आदिल का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 

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