Fact Check: पप्पू यादव की 2020 की तस्वीर 9 जुलाई 2025 को बिहार बंद के दिन की बताकर की जा रही शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर पप्पू यादव की एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में पप्पू यादन जमीन पर गिरे हुए नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह घटना बिहार बंद वाले दिन की है। हमारी पड़ताल में यह तस्वीर पांच साल पुरानी निकली है।
विस्तार
चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में 9 जुलाई 2025 को, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने एक संयुक्त रैली आयोजित की। इसी रैली से एक वीडियो सामने आया जिसमें पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ वैन पर चढ़ने से रोका गया। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर दोनों नेता ट्रोल होने लगे। अब पप्पू यादव का जमीन पर लेटे हुए एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर को शेयर करे दावा किया जा रहा है कि वैन पर चढ़ने से रोके जाने के बाद पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए आंदोलन शुरू कर दिया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पप्पू यादव की इस तस्वीर को पुराना पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि पप्पू यादव की यह तस्वीर 2020 की है। इस तस्वीर को अभी की बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है। यह तस्वीर 2020 में पटना में कृषि कानूनों के खिलाफ हुए एक विरोध प्रदर्शन की है।
क्या है दावा
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पप्पू यादव को राहुल और तेजस्वी के साथ वैन पर नहीं चढ़ने देने पर पप्पू यादव ने विरोध व्यक्त किया है।
एडवोकेट विश्वजीत तिवारी नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करके लिखा “बिहार के चुनावी माहौल में पूर्व बाहुबली एवं वर्तमान उभरते मसीहा नेता ,सांसद को सड़क पर कु*** की तरह घसीटा गया। बताया जा रहा हैं कल बिहार बंद के दौरान राहुल गांधी ,तेजस्वी के ट्रक पर पीछे से घूसपैठ करके चढ़ने के दौरान सुरक्षाकर्मियों द्वारा इस ढ़ाई कुंतल के वजनी इंसान पप्पू यादव को ढकेल दिया।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें पप्पू यादव के एक्स अकाउंट पर यह तस्वीर देखने को मिली। इस तस्वीर को पप्पू यादव ने 22 दिसंबर 2020 को पोस्ट करके लिखा था “किसान न्याय मार्च पर पुलिसिया जुल्म, लेकिन झुकेंगे नहीं, लड़ेंगे, मरेंगे पर डटे रहेंगे, बेईमान सरकार कानून वापस लो, खाते हो किसान का, गाते हो अडानी-अंबानी का”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि पप्पू यादव का 2020 की तस्वीर को बिहार बंद के दौरान हुई घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।