Fact Check: निर्मला सीतारमण ने नहीं किया किसी निवेश परियोजना का समर्थन, एडिटेड वीडियो हो रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक सरकारी निवेश योजना का समर्थन कर रही हैं। PTI ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर एक टीवी चैनल की 3 मिनट 33 सेकंड की वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक सरकारी निवेश योजना का समर्थन कर रही हैं। वीडियो में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति ₹21,000 निवेश करता है, तो उसे पहले महीने में ही ₹15,00,000 मिलेंगे।
पीटीआई फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी पाया गया। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो डीपफेक तकनीक की सहायता से बनाया गया है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को गलत तरीके से एक निवेश परियोजना का समर्थन करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में निर्मला सीतारमण की आवाज के साथ AI तकनीक से छेड़छाड़ कर वोइस क्लोइनिंग की गई है।
दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने "सीएनएन-न्यूज18" की एक वीडियो क्लिप को शेयर किया, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक सरकारी निवेश योजना का समर्थन किया है। वीडियो में कहा गया है कि ₹21,000 निवेश करने पर पहले महीने में ₹15,00,000 का रिटर्न मिलेगा। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए डेस्क ने सबसे पहले वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान हमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वी.सी. सज्जनार का एक एक्स पोस्ट मिला, 2 मार्च 2025 को उन्होंने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “देखिए कैसे ठगों ने हमारे माननीय वित्त मंत्री @nsitharaman के वीडियो का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने AI से बनाई गई आवाज डालकर इसे अपनी अवैध योजनाओं के प्रचार में इस्तेमाल किया।
नेटवर्क मार्केटिंग में बिना किसी और के नुकसान के कोई मुनाफा नहीं कमा सकता—यही कड़वी सच्चाई है। मैं शुरुआत से ही MLM कंपनियों के खिलाफ लड़ रहा हूं, और अब AI के दुरुपयोग ने मुझे और सतर्क कर दिया है ताकि मासूम लोगों को ऐसे धोखों से बचाया जा सके। जो कुछ भी ऑनलाइन दिखे, उस पर आंख बंद करके भरोसा न करें!” पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल के अगले क्रम में हमें डीडी इंडिया के यूट्यूब चैनल पर 1 फरवरी 2025 को प्रकाशित निर्माला सीतारमण का मूल वीडिया मिला। हमने 49 मिनट 44 सेकंड की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को ध्यान से सुना, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसी भी निवेश या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का कहीं भी जिक्र नहीं किया। हमारी जांच में यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो संपादित (एडिटेड) किया गया है और गलत दावे के साथ साझा किया जा रहा है। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने “THE HINDU” के यूट्यूब चैनल पर 1 फरवरी 2025 को प्रकाशित समान रिपोर्ट मिली, यहां निवेश या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का कहीं भी जिक्र नहीं था। पोस्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
हमने निर्मला सीतारमण की आवाज की प्रामाणिकता जांचने के लिए AI टूल Resemble Detect का उपयोग किया। स्कैनिंग के बाद प्राप्त परिणामों के अनुसार, वायरल ऑडियो को एडिट किया गया है। नीचे देखें रिजल्ट और लिंक।
वहीं, पड़ताल के अंत में हमने एक अन्य डिटेक्टर टूल elevenlabs पर स्कैन किया, वहां पर मिले रिजल्ट के अनुसार वायरल ऑडियो 97% एडिट है। नीचे देखें रिजल्ट और लिंक।
हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट है कि यह वीडियो डीपफेक तकनीक की सहायता से बनाया गया है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को गलत तरीके से एक निवेश परियोजना का समर्थन करते हुए दिखाया गया है।
(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)