फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   man arrested by Faridpur police for vandalized statue is not Indian

Fact Check: बांग्लादेश पुलिस द्वारा मूर्ति तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति भारत का नहीं, ये है पूरा सच

Fri, 20 Sep 2024 07:37 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 20 Sep 2024 07:37 PM IST
सार

Fact Check: फरीदपुर पुलिस ने बांग्लादेश में मूर्ति तोड़ने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। दावा किया जा रहा है कि ये व्यक्ति भारत का नागरिक है। 

विज्ञापन
man arrested by Faridpur police for vandalized statue is not Indian
FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

बांग्लादेश में तख्तापलट होने के बाद से ही वहां पर मंदिरों पर हमले की खबरें सामने आईं। इसी कड़ी में अब एक आदमी की तस्वीर वायरल हो रही है जिसे फरीदपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है इसने मंदिरों में तोड़फोड़ की है। फरीदपुर दक्षिणी बांग्लादेश में स्थित एक शहर है। यह शहर में ढाका डिवीजन की सबसे बड़ी नगर पालिका है। 
विज्ञापन


क्या है दावा 
एक आदमी की तस्वीर सोशल मीडिया एक्स पर शेयर की जा रही है। इस आदमी को फरीदपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है और बताया जा रहा है कि ये आदमी भारत का नागरिक है जिसने बांग्लादेश में काली मंदिरों में मूर्तियों को तोड़ा है। इसका नाम 45 वर्षीय संजीत बिस्वास बताया जा रहा है। 
विज्ञापन


तैयब सवाब (@tayyeb_sawab) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “हिंदुत्व एजेंट #बांग्लादेश में पकड़ा गया! फरीदपुर में पुलिस ने #भारत के 45 वर्षीय संजीत बिस्वास को दो हिंदू मंदिरों, हरि मंदिर और काली मंदिर में मूर्तियों को तोड़ने के मामले में गिरफ्तार किया है। ये घटनाएं 14 सितंबर की रात को हुईं।”
विज्ञापन
विज्ञापन

फिरोज (@Feroj570) नाम के एक एक्स अकाउंट से शेयर किया गाया “बांग्लादेशी हिंदुओं के मंदिर को भारतीय हिंदुओं के आक्रमण से बचाएं। फरीदपुर में पुलिस ने हरि मंदिर और काली मंदिर में मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने के मामले में 45 वर्षीय भारतीय नागरिक संजीत बिस्वास को गिरफ्तार किया है।”
पड़ताल 
इस तस्वीर की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। हमें इस तस्वीर से जुड़ी हुई कई खबर गूगल पर मिली। डेली सन, द बिजनेस स्टैंडर्ड, द डेली स्टार बांगला की खबरों के अनुसार फरीदपुर पुलिस ने एक आदमी को मंदिर में मूर्ति तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसकी पहचान भारतीय नागरिक के रूप में की गई थी लेकिन पुलिस ने मंगलवार को अपना बयान पलट दिया और कहा कि ये व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है बल्कि मानसिक रूप से बीमार बांग्लादेशी है। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि व्यक्ति का संबंध भारत से नहीं है। बांग्लादेश में मूर्ति तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed