Fact Check: बांग्लादेश पुलिस द्वारा मूर्ति तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति भारत का नहीं, ये है पूरा सच
Fact Check: फरीदपुर पुलिस ने बांग्लादेश में मूर्ति तोड़ने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। दावा किया जा रहा है कि ये व्यक्ति भारत का नागरिक है।
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विस्तार
क्या है दावा
एक आदमी की तस्वीर सोशल मीडिया एक्स पर शेयर की जा रही है। इस आदमी को फरीदपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है और बताया जा रहा है कि ये आदमी भारत का नागरिक है जिसने बांग्लादेश में काली मंदिरों में मूर्तियों को तोड़ा है। इसका नाम 45 वर्षीय संजीत बिस्वास बताया जा रहा है।
तैयब सवाब (@tayyeb_sawab) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “हिंदुत्व एजेंट #बांग्लादेश में पकड़ा गया! फरीदपुर में पुलिस ने #भारत के 45 वर्षीय संजीत बिस्वास को दो हिंदू मंदिरों, हरि मंदिर और काली मंदिर में मूर्तियों को तोड़ने के मामले में गिरफ्तार किया है। ये घटनाएं 14 सितंबर की रात को हुईं।”
HINDUTVA AGENT CAUGHT IN #BANGLADESH!
— Tayyeb Sawab (@tayyeb_sawab) September 17, 2024
Police in Faridpur have arrested Sanjit Biswas, a 45-year-old from #India, in connection with the vandalism of idols at two Hindu temples, Hari Mandir and Kali Mandir. The incidents occurred on the night of September 14. pic.twitter.com/evtRNFbcVK
फिरोज (@Feroj570) नाम के एक एक्स अकाउंट से शेयर किया गाया “बांग्लादेशी हिंदुओं के मंदिर को भारतीय हिंदुओं के आक्रमण से बचाएं। फरीदपुर में पुलिस ने हरि मंदिर और काली मंदिर में मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने के मामले में 45 वर्षीय भारतीय नागरिक संजीत बिस्वास को गिरफ्तार किया है।”
Save Bangladeshi Hindus temple from Indian Hindu aggression ⚠️
— Feroj (@Feroj570) September 16, 2024
Police in Faridpur have arrested Sanjit Biswas, a 45-year-old Indian citizen, in connection with the vandalism of idols at Hari Mandir and Kali Mandir. pic.twitter.com/ZWr6Z4NgYa
पड़ताल
इस तस्वीर की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। हमें इस तस्वीर से जुड़ी हुई कई खबर गूगल पर मिली। डेली सन, द बिजनेस स्टैंडर्ड, द डेली स्टार बांगला की खबरों के अनुसार फरीदपुर पुलिस ने एक आदमी को मंदिर में मूर्ति तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसकी पहचान भारतीय नागरिक के रूप में की गई थी लेकिन पुलिस ने मंगलवार को अपना बयान पलट दिया और कहा कि ये व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है बल्कि मानसिक रूप से बीमार बांग्लादेशी है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि व्यक्ति का संबंध भारत से नहीं है। बांग्लादेश में मूर्ति तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है।