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Fact Check: ईरान द्वारा भारत के साथ चाबहार बंदरगाह समझौते को रद्द करने का दावा बेबुनियाद, पढ़ें ये पड़ताल

Fri, 20 Sep 2024 08:12 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 20 Sep 2024 08:12 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि  ईरान भारत के साथ चाबहार बंदरगाह समझौते को रद्द कर सकता है।
 
 

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Iran cancelled Chabahar port agreement with India
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामनेई ने मुसलमानों को प्रताड़ित किए जाने वाले देशों की सूची में भारत का नाम लिया।  इस पर भारतीय भारतीय विदेश मंत्रालय ने तत्काल कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम खामेनेई के बयान की निंदा करते हैं। यह अस्वीकार्य और पूरी तरह से भ्रामक है। इस बीच चाबहार बंदरगाह को लेकर एक्स पर एक खबर वायरल हो रही है कि ईरान भारत के साथ बंदरगाह समझौते को रद्द कर सकता है।

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क्या है दावा 
वायरल खबर में दावा किया जा रहा है कि ईरान भारत के साथ चाबहार बंदरगाह समझौते को रद्द कर सकता है। इसे लेकर कई ट्वीट वायरल हो रहे हैं। 

असद नासिर (@asadnasir2000) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा ईरान भारत के साथ चाबहार बंदरगाह समझौते को रद्द कर सकता है।
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डॉ. समीउल्लाह खान (@Dr_S_Khan_INC) नाम के एक एक्स अकाउंट से शेयर किया गया “ईरान भारत के साथ चाबहार बंदरगाह समझौते को रद्द कर सकता है।”
 

बट (@yourDactor) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “भारत को बड़ा झटका। स्थानीय मीडिया के अनुसार ईरान भारत के साथ चाबहार बंदरगाह समझौते को रद्द कर सकता है।”
 
पड़ताल 
इस खबर की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले विदेश मंत्रालय की वेबसाइट देखी। यहां से हमें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली। ईरान में भारतीय दूतावास के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट को भी देखा। यहां से भी हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद हमने इंटरनेट पर कुछ कीवर्ड की मदद से इसे खोजने की कोशिश की यहां भी हमें कोई विश्वसनीय मीडिया की रिपोर्ट नहीं मिली। यहां से ये साबित हो गया कि ये दावा बेबुनियाद है। पड़ताल में हमें ईरान सरकार की एक अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी मेहर की एक रिपोर्ट मिली। 13 सितम्बर 2024 को मेहर एजेंसी की एक रिपोर्ट
में बताया गया कि ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक की। सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स के उच्च-स्तरीय अधिकारियों की 14वीं बैठक में दोनों देशों के बीच राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसी दौरान अहमदियन ने चाबहार बंदरगाह को दोनों देशों के बीच सहयोग का एक अच्छा उदाहरण बताया।

वहीं मई 2024 में ही भारत और ईरान ने ईरान में चाबहार बंदरगाह के संचालन के लिए 10 वर्ष के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए थे। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा गलत है। ईरान भारत के साथ चाबहार बंदरगाह समझौते को रद्द कर सकता है, यह दावा बेबुनियाद निकला।
 
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