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Fact Check: बांग्लादेश में आवामी नेता को पीटने का वीडियो सांप्रदायिक दावे का साथ हो रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Thu, 05 Jun 2025 07:45 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Thu, 05 Jun 2025 07:45 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में लोगों की भीड़ एक व्यक्ति को बुरी तरह से पीट रही है। दावा किया जा रहा है कि बेटी के अपहरण का विरोध करने पर उसके पिता को पीटा जा रहा है। पीड़ित व्यक्ति हिंदू है और पीटने वाले मुस्लिम हैं। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।  

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In Bangladesh, a father was beaten up for opposing the kidnapping of a Hindu girl
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया है जिसमें लोगों का एक समूह सार्वजनिक रूप से एक व्यक्ति पर हमला करता हुआ दिख रहा है, इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश के नौगांव में एक मुस्लिम लड़के अब्दुल हकीम ने हिंदू लड़की अंजना रॉय का अपहरण कर लिया। जब पिता हराधन रॉय ने इसका विरोध किया, तो मुस्लिमों ने उन्हें बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि वीडियो का इस दावे से कोई संबंध नहीं है। जांच में पता चला कि यह वास्तव में एक राजनीतिक विवाद था, जिसमें युवाओं का एक समूह हबीगंज के नबीगंज उप जिला में करगांव संघ परिषद (यूपी) के अध्यक्ष निर्मलेंदु दास राणा पर हमला करता हुआ दिखाई देता है। हमें पता चला कि इसे भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

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क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पीड़ित बांग्लादेश के नौगांव का एक हिंदू व्यक्ति हराधन रॉय है, जिस पर कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हमला किया था।

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  बांग्लादेशी हिंदू समुदाय (@Hindubd49346) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “बांग्लादेश के नौगांव में एक मुस्लिम लड़के अब्दुल हकीम ने एक हिंदू लड़की अंजना रॉय का अपहरण कर लिया। जब उसके पिता हरधन रॉय ने विरोध किया तो उन्हें मुस्लिमों ने पीटा और घायल कर दिया। अभी तक लड़की को बचाने के लिए कोई भी आगे नहीं आया है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 
 

 इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें अनुसंधान 24 नाम की एक वेबसाइट पर इस  वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट 14 मई 2025 को पोस्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था  “सिलहट में आवामी लीग के नेता को छात्रों ने घेरकर पुलिस के हवाले कर दिया। मंगलवार (13 मई) को छात्रों और लोगों ने उन्हें शहर के रिकाबी बाजार से रात करीब साढ़े नौ बजे पकड़ा। इसके बाद वे उन्हें मदन मोहन कॉलेज ले गए और वहां भीड़ ने उन्हें घेरकर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम निर्मलेंदु दास राणा है, जो नबीगंज नगर पालिका अवामी लीग के पूर्व महासचिव और करगांव यूनियन परिषद नंबर 7 के अध्यक्ष हैं। मामले की पुष्टि कोतवाली मॉडल थाने के प्रभारी (ओसी) मोहम्मद जियाउल हक ने की। सिलहट बांग्लादेश का एक शहर है। 

 


आगे सर्च करने पर हमें Donetbd नाम की एक वेबसाइट मिली। यह बांग्लादेश में सबसे लोकप्रिय बांग्ला ऑनलाइन समाचार पोर्टल में से एक है। यहां पर इस वीडियो से संबंधित एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट से पता चला कि सिलहट में छात्रों और जनता ने एक अवामी लीग नेता को मॉब लिंचिंग के बाद पुलिस के हवाले कर दिया है। मंगलवार (13 मई) की रात करीब 9:30 बजे छात्रों और जनता ने उन्हें शहर के रिकाबीबाजार से पकड़ा। फिर, वे उन्हें मदन मोहन कॉलेज ले गए और मॉब लिंचिंग के बाद उन्हें कोतवाली पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। नबीगंज नगर पालिका अवामी लीग के पूर्व महासचिव और करगांव यूनियन परिषद नंबर 7 के अध्यक्ष निर्मलेंदु दास राणा को गिरफ्तार किया। 

 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि मामले में लड़की के अपहरण होने का विरोध करने पर पीटे जाने का दावा गलत है। वीडियो असल में बांग्लादेश के सिलहट में अवामी लीग के नेता को छात्रों द्वारा पकड़कर पीटे जाने का है। 
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