Fact Check: सेंट पीटर्स स्क्वायर पर लोगों की भीड़ की तस्वीर हालिया नहीं, यहां जानें असली सच
Fact Check: सेंट पीटर्स स्क्वायर पर भारी भीड़ की फोटो वायरल हो रही है। साथ ही दावा किया जा रहा है कि इटली ने वेटिकन सिटी के दरवाजे पर प्रवासियों को डंप करना शुरू कर दिया है।
विस्तार
क्या है दावा
इस तस्वीर को शेयर करे दावा किया जा रहा है कि "इटली ने वेटिकन सिटी के दरवाजे पर प्रवासियों को डंप करना शुरू कर दिया है, क्योंकि पोप फ्रांसिस ने कहा था कि "प्रवासियों को अस्वीकार करना" एक "पाप" है।"
U.S. Ministry of Truth (@USMiniTru) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “पोप फ्रांसिस द्वारा "प्रवासियों को अस्वीकार करना" "पाप" कहे जाने के बाद इटली ने वेटिकन सिटी के दरवाज़े पर प्रवासियों को फेंकना शुरू कर दिया है।”
🚨JUST IN: Italy begins dumping migrants at the door of the Vatican City after Pope Francis said it is a "sin" to "reject migrants." pic.twitter.com/zQ8IdEGXvS
— U.S. Ministry of Truth (@USMiniTru) November 20, 2024
They are all corrupt (@GOP_is_Gutless) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “यह बेबीलोन बी नहीं कह रही है। पोप फ्रांसिस द्वारा "प्रवासियों को अस्वीकार करना" "पाप" कहे जाने के बाद इटली ने वेटिकन सिटी के दरवाज़े पर प्रवासियों को फेंकना शुरू कर दिया है।”
This isn’t the Babylon bee saying this.
— They are all corrupt (@GOP_is_Gutless) November 20, 2024
🚨JUST IN: Italy begins dumping migrants at the door of the Vatican City after Pope Francis said it is a "sin" to "reject migrants." pic.twitter.com/po8YfhkAwp
पड़ताल
इस खबर और दावे की पड़ताल करने के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। हमें यहां एपी न्यूजरूम पर ये तस्वीर मिली इसके साथ लिखा हुआ था “5 जून, 2013 की यह फाइल फोटो वेटिकन में पोप फ्रांसिस के आम दर्शकों के दौरान सेंट पीटर स्क्वायर में भीड़ का एक दृश्य है। अपने आधिकारिक प्रतीकों के व्यावसायिक उपयोग पर वेटिकन की कार्रवाई का एक स्पेनिश वेबसाइट ने विरोध किया है जो अपने मास्टहेड में कैथोलिक चर्च की सीट का संदर्भ देने से इनकार करती है। स्पेन के ट्रेडमार्क कार्यालय ने सितंबर 2017 में कहा कि InfoVaticana.com, एक निजी तौर पर संचालित वेबसाइट जो स्पेनिश और इतालवी में धर्म के बारे में लेख प्रकाशित करती है, एक ब्रांड के रूप में पंजीकृत नहीं हो सकती क्योंकि यह पाठकों को आधिकारिक तौर पर पवित्र दृश्य से जुड़े होने के बारे में गुमराह करेगी।”
आगे हमें एक स्पैनिश वेबसाइट एल्नुवोडिया पर भी ये तस्वीर मिली। यहां लिखा हुआ था “वेटिकन द्वारा अपने नाम और आधिकारिक प्रतीकों के व्यावसायिक उपयोग को आरक्षित करने के उपायों को एक स्पेनिश वेबसाइट के विरोध का सामना करना पड़ा है, जिसने अपने लेटरहेड पर कैथोलिक चर्च के मुख्यालय का उल्लेख बंद करने से इनकार कर दिया है।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो 2013 का है।