Fact Check: पटना इस्कॉन मंदिर में हुई मॉक ड्रिल के वीडियो को आतंकी हमला बताकर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पटना इस्कॉन मंदिर में आतंकवादी हमला हुआ है। हमनें अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को गलत पाया है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो मेंं एक मंदिर में कुछ आतंकी घुसते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बिहार की राजधानी पटना के इस्कॉन मंदिर में तीन आतंकवादी घुसे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो पटना के इस्कॉन मंदिर में हुई मॉक ड्रिल का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पटना में एक मंदिर में तीन आतंकवादी घुसे थे।
रंजन ओझा नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,’पटना के इस्कॉन मंदिर में घुसे तीन आतंकवादी, बम से किया गया बड़ा धमाका।‘ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें डीडीन्यूज बिहार के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 29 जुलाई 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि पटना के इस्कॉन मंदिर में आतंकी हमले की स्थिति पर मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने पटना के इस्कॉन मंदिर में आतंकी हमले की काल्पनिक स्थिति पर आधारित मॉक ड्रिल का आयोजन किया। अभ्यास के दौरान फायरिंग और हैंड ग्रेनेड हमले का परिदृश्य तैयार कर सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया का परीक्षण किया गया।
आगे की पड़ताल में हमें जी न्यूज झारखंड और बिहार के एक्स हैंडल पर वायरल वीडियो से संबंधित वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 29 जुलाई 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां बताया गया है कि पटना के इस्कॉन मंदिर में मॉक ड्रिल, आपात स्थिति से निपटने का अभ्यास।
बिहार पुलिस ने अपने एक्स हैंडल पर मॉक ड्रिल से संबंधित तस्वीर साझा की है। यहां पर बताया गया है कि आज दिनांक 29.07.2026 को पटना स्थित ISKCON मंदिर में बिहार एटीएस द्वारा एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आतंकी हमले अथवा आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों एवं संबंधित हितधारकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करना, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना तथा मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
इसके बाद हमें reutersconnect. की वेबसाइट पर मॉक ड्रिल की कुछ तस्वीरें देखने को मिली। यह तस्वीर 29 जुलाई 2026 को साझा की गई है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। यह वीडियो इस्कॉन मंदिर में हुई मॉक ड्रिल का है।