फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check Old Video of Police Brutality Being Shared in Connection with Recent Bengal Elections

Fact Check: पुलिस के युवक को पीटने का पुराना वीडियो बंगाल विधानसभा चुनाव से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Fri, 24 Apr 2026 06:36 PM IST
Sandhya Kumari फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Fri, 24 Apr 2026 06:36 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में पुलिस दो लोगों को पीटते हुए नजर आ रही है। वीडियो को शेयर करके इसे मौजूदा बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी कार्यकर्ताओं की पिटाई का बताया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह वीडियो 2023 का निकला। 

विज्ञापन

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दो आदमी कुर्सी में पर बैठे हैं और पुलिसवाले वहीं पहुंचकर उनको मारना शुरू कर देते हैं। वीडियो में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का झंडा भी लगा हुआ नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान टीएमसी के दो  कार्यकर्ता बूथ पर मतदाता पर्ची काट रहे थे। सुरक्षा बलों ने वहां पहुंचकर उन्हें मारना शुरू कर दिया। 

विज्ञापन

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में वीडियो के हालिया होने का दावा गलत पाया गया है। पड़ताल में वीडियो 2023 में हुए पंचायत चुनाव का होने का पता चला। 

विज्ञापन

क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान पुलिस ने टीएमसी के कार्यक्रताओं के साथ मारपीट की। 

अभिमन्यु सिंह (@Abhimanyu1305) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “तृणमूल कांग्रेस के दो “शांतिप्रिय” कार्यकर्ता मतदान केंद्रों के पास सड़क पर बैठकर निर्वाचन पर्ची काट रहे थे। तभी वहां पहुंचे पुलिस कर्मी ने जोरदार दो थप्पड़ जड़े, हांथ दुखा तो डंडा लेकर पीटना शुरू कर दिया। दोनों कार्यकर्ता जान बचाकर भाग गए।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
 

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो कैनिंग न्यूज नाम के एक फेसबुक चैनल पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 2023 में प्रकाशित किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था “चुनाव के दिन, कैनिंग के बसंती में स्थिति पर एक नजर डालें।” 

 

आगे सर्च करने पर हमें यह वीडियो न्यूज 18 बांगला पर 6 जुलाई 2023 को प्रकाशित मिला। इस वीडियो में कैप्शन में लिखा गया था “पंचायत चुनाव 2023: कल रात बसंती में बम फेंकने के आरोप सामने आए। चुनाव की सुबह सड़क किनारे से एक बम बरामद किया गया। इलाके में दहशत फैल गई। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया है और जहां भी भीड़ दिखाई दी, वहां कार्रवाई की। कई बार उन्हें लोगों को लाठियां लहराते हुए खदेड़ते देखा गया; यहां तक कि वर्दीधारी कर्मियों को लोगों के साथ मारपीट करते हुए भी देखा गया।” 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है 2023 के पंचायत चुनाव के दौरान के वीडियो को हालिया विधानसभा चुनाव से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed