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Fact Check: पानी में डूबे निर्माणाधीन पुल की तस्वीर को दित्वाह चक्रवात से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Tue, 02 Dec 2025 08:01 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 02 Dec 2025 08:01 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में एक निर्माणाधीन पुल पानी में डूबा हुआ नजर आ रहा है। इस तस्वीर को श्रीलंका का बताकर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।

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Fact Check Image of an under-construction bridge submerged in water shared as image of Cyclone Ditwaha in Sri
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक निर्माणाधीन पुल के पूरी तरह पानी में डूबे होने की तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर को देखकर लग रहा है कि बाढ़ के कारण बहुत भयानक तबाही मची है। इस तस्वीर को श्रीलंका में आए दित्वाह चक्रवात का बताया जा रहा है। राष्ट्रपति ने यहां इमरजेंसी की घोषणा की है क्योंकि लगभग पांच लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

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श्रीलंका इन दिनों चक्रवात ‘दित्वाह’ से हुई भारी तबाही से जूझ रहा है। देश में लगातार हो रही बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों को पूरी तरह काट दिया है। भारत से लगातार कई तरह की मदद श्रीलंका भेजी जा रही है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह तस्वीर श्रीलंका की नहीं बल्कि 27 सितंबर, 2025 को हैदराबाद में भारी मानसूनी बारिश के बाद उफनती मूसी नदी का एक दृश्य है। 

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क्या है दावा 

पानी में आधे बने हुए पुल की तस्वीर को श्रीलंका में आए दित्वाह चक्रवात से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। 

न्यूज आर्क (@NewsArcIndia) नाम के एक एक्स यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करके लिखा “ब्रेकिंग: श्रीलंका में साइक्लोन दित्वाह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 132 हो गई, जबकि 176 अभी भी लापता हैं। राष्ट्रपति ने इमरजेंसी की घोषणा की क्योंकि लगभग पांच लाख लोग प्रभावित हैं। भारत, US और मालदीव मानवीय सहायता के लिए आगे आए।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

  इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) का 27 सितंबर, 2025 का एक X पोस्ट मिला। यहां इस तस्वीर को किसी दूसरे एंगल से शेयर किया गया था। इसके साथ कैप्शन में लिखा गया था “GHMC कमिश्नर आर.वी. कर्णन ने इंजीनियरिंग और दूसरे डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ मूसारामबाग के पास मूसी नदी पर बन रहे नए पुल का इंस्पेक्शन किया, क्योंकि हाल ही में हुई बारिश की वजह से मूसी नदी में पानी का बहाव बहुत ज़्यादा है और ज़मीनी हालात के बारे में पूछा।”

 

 

आगे हमें इमेज स्टॉक वेबसाइल गेटी इमेज की वेबसाइट पर यह तस्वीर देखने को मिली। इस तस्वीर को शेयर करके बताया गया था कि 27 सितंबर, 2025 को हैदराबाद में भारी मॉनसून बारिश के बाद उफनती मूसी नदी का एक नजारा। फोटो को नोआ सीलम नाम एक व्यक्ति से गेटी के लिए खींचा था। 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में साफ है कि यह तस्वीर हैदराबाद में मूस नदी की है। इसके श्रीलंका का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 

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