फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check: Claims of PM Modi's coconut-breaking photo are AI-based

Fact Check: एआई से बनी है प्रधानमंत्री मोदी की नारियल के पेड़ के पास वाली तस्वीर, पढ़ें पड़ताल

Wed, 08 Apr 2026 03:15 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Wed, 08 Apr 2026 03:15 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है। तस्वीर में पीएम मोदी नारियल के पेड़ के पास खड़े हैं। उनके आसपास एक कैमरा यूनिट खड़ी है। फोटो को असली बताया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह तस्वीर एआई से बनी निकली है।    

विज्ञापन
Fact Check: Claims of PM Modi's coconut-breaking photo are AI-based
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केरल में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। सभी पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने बीते दिनों केरल में कई रैलियां कीं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारियल के पेड़ के पास नजर आ रहे हैं। उनके सामने एक कैमरामैन भी नजर आ रहा है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह असली है। 

विज्ञापन

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर एआई से बनी है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल में नारियल के पेड़ के पास खड़े हैं। सामने एक कैमरामैन है।  

विज्ञापन

कल्याण बनर्जी नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,” केरल ट्रिप फोटोशूट, फ्रांड्स...क्या वो आज नारियल के पेड़ पर चढ़ेगा?” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल

इस दावे की पड़ताल के लिए हमने पहले कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल तस्वीर से संबंधित कोई रिपोर्ट नहीं मिली। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक्स हैंडल  पर सर्च किया। इस दौरान भी हमें वहां वायरल तस्वीर से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिली। 

 

इसके बाद हमने तस्वीर को ध्यान से देखा। यहां हमें तस्वीर में कुछ विसंगतियां नजर आई। जैस की तस्वीर की क्वालिटी ज्यादा होना इसके साथ ही प्रधानमंत्री की तस्वीर हल्की से धुंधली भी नजर आई है। यहां से हमें तस्वीर की एआई से बने होने का संदेह हुआ। हमने तस्वीर के पड़ताल के लिए हाइव टूल का इस्तेमाल किया। यह एआई टूल है। इस टूल ने वायरल तस्वीर को 99.9 फीसदी एआई से बना पाया है। 
 

 

इसके बाद हमने वायरल तस्वीर की पड़ताल वॉजइट एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने भी वायरल तस्वीर को एआई से बने होने की जानकारी दी।  

 

 



इसके बाद हमने गूगल के synth ai detector टूल का इस्तेमाल किया। यह एआई डिटेक्टर टूल गूगल के एआई टूल से बनी तस्वीरों के बारे में जानकारी देता है। इस टूल ने वायरल तस्वीर को गूगल के एआई टूल से बना पाया। 



पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को एआई से बना पाया है। इस तस्वीर को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।  

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed