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Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check: AI-generated video of an owl walking on a construction site shared as real

Fact Check: निर्माणाधीन सतह पर उल्लू के चलने का एआई निर्मित वीडियो असली बताकर हो रहा शेयर

Sun, 09 Nov 2025 08:50 AM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sun, 09 Nov 2025 08:50 AM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में एक उल्लू निर्माणाधीन सतह पर चल रहा है और अपने पैरों के निशान छोड़ रहा है। दावा किया जा रहा यह वीडियो असली है। हमारी पड़ताल में वीडियो एआई से बना निकला। 

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Fact Check: AI-generated video of an owl walking on a construction site shared as real
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक उल्लू नई निर्माण हुई कंक्रीट की सतह पर चल रहा है। उसके वहां चलने से कंक्रीट की सतह पर पर पंजे के निशान छप रहे हैं। क्योंकि सतह पर लगा सीमेंट अभी गीला है। इस वीडियो को शेयर करके असली बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि उल्लू नई कंक्रीट की बनी सतह पर चल रहा है। साथ वहां मौजूद मिस्त्री उसे भगाने की कोशिश करता है लेकिन उल्लू वहां से नहीं भागता है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में समाने आया कि यह वीडियो असली नहीं है बल्कि एआई के माध्यम से बनाया है। वीडियो में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। कई एआई टूल से जांच करने पर हमें इस वीडियो के एआई के माध्यम से बने होने की जानकारी मिली । 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि एक उल्लू नई निर्माण हुई कंक्रीट का सतह पर चल रहा है। उसके चलने के कारण उल्लू के पैर के निशान वहां छप रहे हैं। 

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नेचर इज फिनोमिनल (@AnimalGeoLife) नाम के एक एक्स अकाउंट से इस वीडियो को शेयर करके लिखा गया “उल्लू निर्माण स्थलों पर कंक्रीट पर पैरों के निशान छोड़ने से सावधान हो रहे हैं” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

   इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 
  पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल पर सर्च किया। यहां हमने सबसे पहले हाइव डिटेक्शन का इस्तेमाल इस वीडियो की सच्चाई पता लगाने की कोशिश की। इस टूल से सर्च करने पर हमें पता चला कि  वीडियो 99.9 प्रतिशत एआई के माध्यम से बनाया गया है। 

  आगे हमने एक और एआई डिटेक्टर टूल साइट इंजन से इस वीडियो को सर्च किया। इस टूल से हमें पता चला कि इस वीडियो को 88 प्रतिशत एआई के माध्यम से बने होने की संभावना है। 
  
 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। इस वीडियो में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। 

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