फैक्ट चेक: प्रेमानंद महाराज के सात महीने पुराने वीडियो को अभी का बताकर कर किया जा रहा भ्रामक दावा
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज के शिष्य की खुदकुशी के बाद रोते नजर आ रहे हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रेमानंद महाराज रोते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की खुदकुशी के बाद का है। जहां प्रेमानंद घटना के बाद रो रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया। हमने पाया कि वायरल वीडियो करीब सात महीने पहले का है। इसे अभी की घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि शिष्य की खुदकुशी के बाद प्रेमानंद रो रहे हैं।
करम यादव नाम के एक्स यूजर ने लिखा,’ प्रेमानंद महाराज जी अंदर टूट गए। अगर प्रेमानंद महाराज जी को कुछ हुआ तो इसका जिम्मेदार वाे सभी ट्रॉलर होगें। जो बिना तथ्यों के साथ बिना किसी सटीक खबर के प्रेमानंद महाराज जी को ट्रॉल कर रहे हैं। इसमें सबसे पहला नाम।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें 22 मार्च 2026 को एक इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यहां लिखा है कि भगवान ऐसी परिस्थिति देते हैं जब किसी का भी आश्रय नहीं रह जाता सिर्फ मालिक का ही सहारा होता है तब जाकर हमारा ख्याल उस मालिक की ओर टिकता है।

यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो हलिया का नहीं है कि क्यों कि रसिक दुलारी की आत्महत्या की घटना 25 सितंबर को सामने आई थी।
इसके बाद हमें प्रेमानंद महाराज के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल भजन मार्ग पर एक वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 1 मार्च 2026 को साझा किया गया है। इस वीडियो में हमें वायरल क्लिप 7 मिनट 10 सकेंड पर देखने को मिली। जहां वे बोलते हैं कि भगवान ऐसी परिस्थिति देते हैं जब किसी का भी आश्रय नहीं रह जाता सिर्फ मालिक का ही सहारा होता है तब जाकर हमारा ख्याल उस मालिक की ओर टिकता है।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को सात महीना पुराना पाया है। इस वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है।