Fact Check: कोर्ट से स्टे के बाद भी रतलाम में दरगाह पर बुलडोजर चलाने का दावा भ्रामक, पड़ताल में जानें पूरा सच
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कोर्ट स्टे के बावजूद दरगाह को गिरा दिया गया।
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विस्तार
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि कोर्ट के स्टे के बाद भी पहलवान बाबा दरगाह के हिस्से पर बुलडोजर चलाकर उसे तोड़ा गया।
नेहा हबीब WIN (टीवी एंकर) @NewsWin_ नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “रतलाम,मध्यप्रदेश पहलवान बाबा दरगाह के हिस्से पर चलाया बुलडोजर। हटाए गए हिस्से को लेकर दरगाह कमेटी हाई कोर्ट पहुंच गई जिसके बाद तहसीलदार के दिए आदेश पर रोक लगा दी गई। हाई कोर्ट ने यथा स्थिति बनने के लिए कहा था लेकिन उसके बावजूद भी वहां पर हटाने का कार्य किया जा रहा है। (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
रतलाम ,मध्यप्रदेश
पहलवान बाबा दरगाह के हिस्से पर चलाया बुलडोजर।
हटाए गए हिस्से को लेकर दरगाह कमेटी हाई कोर्ट पहुंच गई जिसके बाद तहसीलदार के दिए आदेश पर रोक लगा दी गई।।
हाई कोर्ट ने यथा स्थिति बनने के लिए कहा था लेकिन उसके बावजूद भी वहां पर हटाने का कार्य किया जा रहा है pic.twitter.com/sMu3Zlaqdi— Neha Habib WIN (TV Anchor) (@NewsWin_) November 30, 2024विज्ञापन
ऑल इंडिया मुस्लिम नाम के एक फेसबुक अकाउंट से लिखा गया “लोकेशन : रतलाम ,मध्यप्रदेश पहलवान बाबा दरगाह के हिस्से पर चलाया बुलडोजर। हटाए गए हिस्से को लेकर दरगाह कमेटी हाई कोर्ट पहुंच गई जिसके बाद तहसीलदार के दिए आदेश पर रोक लगा दी गई। हाई कोर्ट ने यथा स्थिति बनने के लिए कहा था लेकिन उसके बावजूद भी वहां पर हटाने का कार्य किया जा रहा है।” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
द मुस्लिम (@TheMuslim786) नाम के एक्स अकाउंट से भी इसी तरह का ट्विट लिखा गया। (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
लोकेशन : रतलाम ,मध्यप्रदेश
— The Muslim (@TheMuslim786) November 30, 2024
पहलवान बाबा दरगाह के हिस्से पर चलाया बुलडोजर।
हटाए गए हिस्से को लेकर दरगाह कमेटी हाई कोर्ट पहुंच गई जिसके बाद तहसीलदार के दिए आदेश पर रोक लगा दी गई।।
हाई कोर्ट ने यथा स्थिति बनने के लिए कहा था लेकिन उसके बावजूद भी वहां पर हटाने का कार्य किया जा रहा… pic.twitter.com/6ekcsNnbKl
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें इस दावे से जुड़ी खबर मिली। खबर में बताया गया था जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक 4.12 किमी लंबे फोरलेन का काम चल रहा है। फोरलेन निर्माण में पहलवान बाबा की दरगाह का कुछ हिस्सा आ रहा था। इसे हटाने को लेकर विवाद के हालात बने तो प्रशासन ने दरगाह कमेटी के लोगों के साथ बैठक कर मामले का हल निकाला। जिसमे कमेटी के लोगों ने भी सहमति दी। सहमति बनाने के बाद 9 नवंबर की शाम प्रशासन ने दरगाह के कुछ हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की। जो 12 नवंबर तक जारी रही इस दौरान दरगाह व पास के बने मंदिर के हिस्से को हटाने की कार्रवाई जारी रही। इसी दौरान दरगाह कमेटी 13 नवम्बर को कोर्ट से स्टे ले आई जिसके बाद प्रशासन को कार्रवाई रोकना पड़ी।
14 नवंबर को सरकारी वकील ने स्टे ऑर्डर को निरस्त करने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। कोर्ट ने वादी पक्ष को सूचना-पत्र जारी कर 20 नवंबर की तारीख दी। जिसके बाद सरकारी वकील के निवेदन पर कोर्ट ने 25 तारीख दी। 25 नवंबर को कोर्ट में सरकारी वकील समरथ पाटीदार ने स्टे ऑर्डर खारिज करने की मांग की। इसके बाद दरगाह कमेटी के वकील निषाद काजी ने शासन के स्टे निरस्ती आवेदन के जवाब के लिए समय मांगा। कोर्ट ने अगली तारीख 26 नवंबर की। 26 नवंबर को कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई को सही मानते हुए स्टे ऑर्डर को खारिज कर दिया। जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा दरगाह के हिस्से और आसपास के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
इस खबर के हमें पता चला कि दरगाह पर बुलडोजर तब चलाया गया जब कोर्ट ने स्टे लगाने के बाद इसे हटा दिया था। कोर्ट के स्टे हटने के बाद ही कार्रवाई शुरू की गई।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि दावे को भ्रामक तरीके से शेयर किया जा रहा है।