फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   court's stay of removing Pahelwan Baba's dargah is misleading

Fact Check: कोर्ट से स्टे के बाद भी रतलाम में दरगाह पर बुलडोजर चलाने का दावा भ्रामक, पड़ताल में जानें पूरा सच

Tue, 03 Dec 2024 06:43 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 03 Dec 2024 06:43 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि  कोर्ट स्टे के बावजूद दरगाह को गिरा दिया गया। 

विज्ञापन
court's stay of removing Pahelwan Baba's dargah is misleading
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक जमीन पर बुलडोजर चलता हुआ नजर आ रहा है। 
विज्ञापन


क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि कोर्ट के स्टे के बाद भी पहलवान बाबा दरगाह के हिस्से पर बुलडोजर चलाकर उसे तोड़ा गया। 

नेहा हबीब WIN (टीवी एंकर) @NewsWin_ नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “रतलाम,मध्यप्रदेश पहलवान बाबा दरगाह के हिस्से पर चलाया बुलडोजर। हटाए गए हिस्से को लेकर दरगाह कमेटी हाई कोर्ट पहुंच गई जिसके बाद तहसीलदार के दिए आदेश पर रोक लगा दी गई। हाई कोर्ट ने यथा स्थिति बनने के लिए कहा था लेकिन उसके बावजूद भी वहां पर हटाने का कार्य किया जा रहा है। (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
 
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑल इंडिया मुस्लिम नाम के एक फेसबुक अकाउंट से लिखा गया “लोकेशन : रतलाम ,मध्यप्रदेश पहलवान बाबा दरगाह के हिस्से पर चलाया बुलडोजर। हटाए गए हिस्से को लेकर दरगाह कमेटी हाई कोर्ट पहुंच गई जिसके बाद तहसीलदार के दिए आदेश पर रोक लगा दी गई। हाई कोर्ट ने यथा स्थिति बनने के लिए कहा था लेकिन उसके बावजूद भी वहां पर हटाने का कार्य किया जा रहा है।” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)



द मुस्लिम (@TheMuslim786) नाम के एक्स अकाउंट से भी इसी तरह का ट्विट लिखा गया। (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
 

पड़ताल 
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें इस दावे से जुड़ी खबर मिली। खबर में बताया गया था जावरा फाटक से सेजावता फंटे तक 4.12 किमी लंबे फोरलेन का काम चल रहा है। फोरलेन निर्माण में पहलवान बाबा की दरगाह का कुछ हिस्सा आ रहा था।  इसे हटाने को लेकर विवाद के हालात बने तो प्रशासन ने दरगाह कमेटी के लोगों के साथ बैठक कर मामले का हल निकाला। जिसमे कमेटी के लोगों ने भी सहमति दी। सहमति बनाने के बाद 9 नवंबर की शाम प्रशासन ने दरगाह के कुछ हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की। जो 12 नवंबर तक जारी रही इस दौरान दरगाह व पास के बने मंदिर के हिस्से को हटाने की कार्रवाई जारी रही। इसी दौरान दरगाह कमेटी 13 नवम्बर को कोर्ट से स्टे ले आई जिसके बाद प्रशासन को कार्रवाई रोकना पड़ी। 

14 नवंबर को सरकारी वकील ने स्टे ऑर्डर को निरस्त करने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। कोर्ट ने वादी पक्ष को सूचना-पत्र जारी कर 20 नवंबर की तारीख दी। जिसके बाद सरकारी वकील के निवेदन पर कोर्ट ने 25 तारीख दी। 25 नवंबर को कोर्ट में सरकारी वकील समरथ पाटीदार ने स्टे ऑर्डर खारिज करने की मांग की। इसके बाद दरगाह कमेटी के वकील निषाद काजी ने शासन के स्टे निरस्ती आवेदन के जवाब के लिए समय मांगा। कोर्ट ने अगली तारीख 26 नवंबर की। 26 नवंबर को कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई को सही मानते हुए स्टे ऑर्डर को खारिज कर दिया। जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा दरगाह के हिस्से और आसपास के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। 

इस खबर के हमें पता चला कि दरगाह पर बुलडोजर तब चलाया गया जब कोर्ट ने स्टे लगाने के बाद इसे हटा दिया था। कोर्ट के स्टे हटने के बाद ही कार्रवाई शुरू की गई। 

पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि दावे को भ्रामक तरीके से शेयर किया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed