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Fact Check : चीन का भारत पर दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का झूठा दावा वायरल, पढ़ें पड़ताल

Fri, 13 Jun 2025 08:03 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक, अमर उजाला
फैक्ट चेक, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Fri, 13 Jun 2025 08:03 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चीन ने भारत पर दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ है।

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Claim that China has banned the export of rare minerals to India
फैक्ट चैक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चीन आए दिन अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए-नए नियम लागू करता रहता है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। पोस्ट में दावा किया गया है कि चीन ने भारत पर दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत ने  विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) के कानून का उल्लंघन किया है।

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया है कि चीन ने भारत पर दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि चीन ने दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर नया नियम लागू किया है। यह नियम सिर्फ भारत के लिए नहीं है। बल्कि अन्य देशों के लिए भी है। इसके साथ ही हमें भारत की ओर से डब्लूटीओ के कानून का उल्लंघन करने की जानकारी का कोई स्रोत नहीं मिला है। 
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क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि चीन ने भारत पर दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।
स्टीवन टीपी लाउ नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा “ब्रेकिंग: चीन ने भारत को दुर्लभ खनिज निर्यात पर प्रतिबंध लगाया हाल ही में हुई घटना के बाद एक साहसिक कदम उठाते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए संघर्ष के बाद, चीन ने भारत को दुर्लभ खनिज निर्यात पूरी तरह से रोक दिया है - यह भारत के ईवी के लिए एक बड़ा झटका है और तकनीक चीन के वैश्विक एकाधिकार के साथ, यह संबंधों में तीव्र गिरावट का संकेत हैं, क्योंकि बीजिंग अब भारत के आर्थिक इंजनों को सीधे निशाना बना रहा है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसके साथ ही एक अन्य यूजर ने लिखा “ब्रेकिंग: चीन ने भारत को दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीन का कहना है कि भारत विश्व व्यापार संगठन (WTO) के कानून का उल्लंघन कर रहा है” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

हमने पोस्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया तो हमें चीन के भारत पर दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ी कोई रिपोर्ट नहीं मिली। 
आगे की पड़ताल में हमें हॉलैंड और नाइट की एक रिपोर्ट मिली। हॉलैंड और नाइट एक बहुराष्ट्रीय कानूनी फर्म है। इसमें 4 अप्रैल 2025 को रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। इसमें बताया गया है कि चीन के वाणिज्य मंत्रालय और सामान्य सीमा शुल्क प्रशासन ने 4 अप्रैल, 2025 को घोषणा की है कि चीन सरकार दुर्लभ पृथ्वी सामग्रियों पर निर्यात नियंत्रण लगा रही है। 

इसके बाद हमें शंघाई मेटल मर्केट की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 6 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। एसएमएम चीन में, धातु एवं खनन उद्योग के बेंचमार्क मूल्यों, विश्लेषण, समाचार, परामर्श और सम्मेलनों का एक एकीकृत मंच प्रदान करता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 4 अप्रैल को वाणिज्य मंत्रालय ने सीमा शुल्क विभाग के साथ मिलकर एक घोषणा की। इसमें कहा गया कि अब दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर नियंत्रण किया जाएगा। इस दुर्लभ धातुओं  में  सैमरियम, गैडोलीनियम, टेरबियम, डिस्प्रोसियम, ल्यूटेटियम, स्कैंडियम और यिट्रियम शामिल हैं। 

इसके बाद हमें एएस की रिपोर्ट मिली। यह 7 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। इसमें बताया गया है कि पिछले 25 वर्षों में, चीन ने रणनीतिक रूप से खुद को दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। ये संसाधन दूरसंचार उपकरणों और सैन्य हथियारों के उत्पादन में जरूरी हैं। इस महत्वपूर्ण बाजार पर चीन की यह शक्ति शुक्रवार को स्पष्ट हुई जब बीजिंग ने गुरुवार, 2 अप्रैल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लगाए गए टैरिफ के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की। चीन ने दुर्लभ धातुओं पर निर्यात नियंत्रण लगाया। 



आगे की पड़ताल में हमें द इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 5 जून 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने दो महीना पहले दुर्लभ पृथ्वी खनिजों पर सख्त निर्यात नियंत्रण लागू किया था। ये खनिज रक्षा, इलेक्टॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी हैं। चीन की ओर से निर्यात पर नए लाइसेंसिंग नियम लागू किए जाने के दो महीने बाद इसका असर अब पश्चिमी देशों और भारत में औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ रहा है। 

 

इसके साथ ही हमने  विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) के भारत द्वारा दुर्लभ खनिज से संबंधित कानून का उल्लंघन की पड़ताल की। इस दौरान हमने डब्लूटीओ की एक्स हैंडल पर भारत की ओर से डब्लूटीओ के कानून का उल्लंघन करने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली।

 

यहां से साफ होता है कि सोशल मीडिया पर  चीन ने भारत पर दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने वाला दावा गलत है। हमें इस से जुड़ी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। चीन ने बीते 4 अप्रैल 2025 को दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण लगाया है। 

पड़ताल का नतीजा
हमने अपने पड़ताल में पाया कि वायरल दावा को गलत पाया है। चीन ने भारत पर दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। 

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