Fact Check: बांग्लादेश में आग लगने की घटना के पुराने वीडियो को नैनीताल का बताकर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि हिंदू युवकों ने मुसलमानों की दुकानों में आग लगा दी है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।
विस्तार
उत्तराखंड के नैनीताल में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के बाद सांप्रदायिक तनाव देखने को मिल रहा है। घटना सामने आने के बाद कई लोगों के साथ मारपीट भी की गई है। इसी बीच एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक दुकान में आग लगी हुई नजर आ रही है। दावा किया जा रहा है कि हिंदुओं के द्वारा मुसलमानों की दुकान को पूरी तरह से जला दिया गया है। वहां मौजूद कुछ लोग पानी से आग को बुझाने की कोशिश भी कर रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। पड़ताल में पता चला कि वीडियो भारत का नहीं है बल्कि बांग्लादेश का है। 2024 में बांग्लादेश में लगी आग के पुराने वीडियो को अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
वायरल वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उस्मान द्वारा बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद हिंदुओं द्वारा मुसलमानों की दुकानों पर आग लगा दी गई।
भगवा रक्षक किट्टू ठाकुर नाम के एक फेसबुक यूजर ने लिखा “उत्तराखंड नेनीताल में हिंदू भाइयों ने जिहादियों को अच्छी तरह सबक सिखा कर बर्बाद किया। ऐसा ही होना चाहिए सब जगह” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। पोस्ट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं।
पड़ताल
वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च करने पर हमें यह वीडियो मोहम्मद इब्राहिम हुसैन नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर 8 अक्तूबर 2024 को पोस्ट किया हुआ मिला। वीडियो काफी क्लियरिटी के साथ पोस्ट किया गया था। इस अकाउंट में सब कुछ बंगाली भाषा में लिखा हुआ था। इसमें कैप्शन लिखा गया था “हबीगंज अगस्त” यहां से यह साफ हो गया कि वीडियो नैनीताल में हुए हाल फिलहाल की घटना का नहीं है।
हमें इस वीडियो के कमेंट में वीडियो की लोकेशन बांग्लादेश में लक्ष्मीपुर जिला बताया गया था।
इसी तरह कई और बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर हमें मिले। इसके लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
आगे हमें नैनीताल पुलिस का एक्स पर वीडियो से संबंधित एक पोस्ट मिला। इस पोस्ट में नैनीताल पुलिस ने इस वीडियो को फर्जी बताया गया था। पुलिस ने पोस्ट में लिखा था “#नैनीताल पुलिस का जनसंदेश, सच्ची जानकारी ही साझा करें – अफवाहें नहीं।”
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो नैनीताल का बताकर भ्रामक जानकारी शेयर की जा रही है।