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Hindi News ›   Fact Check ›   Akhilesh Yadav's picture being put up in the Gurudwara is false, the viral picture is of the CM's official res

Fact Check: गुरुद्वारे में अखिलेश यादव की तस्वीर लगे होने का दावा गलत, वायरल फोटो सीएम के सरकारी आवास की

Mon, 14 Jul 2025 07:47 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Mon, 14 Jul 2025 07:47 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया एक तस्वीर शेयर की जा रही है। तस्वीर ने दिख रहा है कि सीएम योगी पगड़ी बांध कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने हाथ जोड़े खड़े हैं। साथ ही सीएम योगी के बगल की दीवार पर अखिलेश यादव की तस्वीर लगी हुई है। दावा किया जा रहा है कि गुरुद्वारे में अखिलेश यादव की तस्वीर लगी हुई है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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Akhilesh Yadav's picture being put up in the Gurudwara is false, the viral picture is of the CM's official res
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है, इस तस्वीर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नजर आ रहे हैं। तस्वीर में दिख रहा है कि योगी आदित्यनाथ ने पगड़ी बंधी है और गुरुग्रंथ साहिब के सामने हाथ जोड़े खड़े हैं। इस तस्वीर में सीएम की बगल की दीवार पर सपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर को हाईलाइट करके दिखाया गया है। इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि सीएम योगी गुरुद्वारा गए थे, जहां पहले से अखिलेश यादव की तस्वीर लगी हुई थी। कहा जा रहा है कि इसी से अखिलेश यादव की लोकप्रियता का पता लगाया जा सकता है। 

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अमर उजाला की फैक्ट चेक डेस्क ने इस तस्वीर के साथ शेयर किए जा रहे दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि यह तस्वीर 12 जुलाई की है। साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ का यह तस्वीर किसी गुरुद्वारे की नहीं, बल्कि लखनऊ स्थित सरकारी आवास की है।

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क्या है दावा 

इस तस्वीर  को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि सीएम योगी गुरुद्वारा गए थे, जहां पहले से अखिलेश यादव की तस्वीर लगी हुई थी। 

सूर्या समाजवादी (@surya_samajwadi) नाम के एक एक्स यूजर ने तस्वीर को शेयर करे लिखा “कल सीएम योगी गुरुद्वारा गए थे वहां अखिलेश जी की पहले से ही तस्वीर लगी थी। अखिलेश जी की लोकप्रियता का एक प्रतिशत भी योगी कभी लोकप्रिय नहीं हो पाएंगे क्योंकि एकरंगी है और अखिलेश जी को सभी रंग पसंद है। पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

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इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें पीटीसी न्यूज पर एक रिपोर्ट देखने को मिली। रिपोर्ट को 12 जुलाई 2025 को प्रकाशित किया गया था। पीटीसी न्यूज़ पंजाबी न्यूज़ चैनल है। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पर्व पर राजधानी लखनऊ से दिल्ली तक संदेश यात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा गुरुद्वारा नाका हिंडोला से शुरू होकर मुख्यमंत्री आवास तक गई। मुख्यमंत्री योगी ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।” 

आगे हमें सीएम योगी आदित्यनाथ के एक्स अकाउंट पर भी यह तस्वीर देखने को मिली। इस कार्यक्रम की कुछ और भी तस्वीरों के शेयर करके सीएम ने लिखा था “जो बोले सो निहाल! सत् श्री अकाल!.... आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप का आगमन हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी संपूर्ण मानवता के लिए एक प्रेरणापुंज हैं। यहां सीएम योगी ने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वागत की बात की थी। यहां कहीं भी किसी गुरुद्वारे की बात नही लिखी थी। 

अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमें न्यूज़ एजेंसी IANS के एक्स हैंडल पर इस कार्यक्रम का एक वीडियो मिला। वीडियो में देखा जा सकता है कि लखनऊ स्थित इस सरकारी आवास में पूर्व सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ-साथ पिछले और भी यूपी के मुख्यमंत्रियों की तस्वीरें भी मौजूद थी। 

 

 

 

 

पड़ताल का नतीजा

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि सीएम योगी गुरुद्वारे में मौजूद नहीं हैं बल्कि वह लखनऊ स्थित सरकारी आवास में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वागत कर रहे हैं। साथ ही गुरुद्वारे में अखिलेश यादव की तस्वीर लगे होने का दावा भी गलत है। 

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