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Fact Check : ईरान के हमले से अदाणी समूह का इस्राइल स्थित हाइफा बंदरगाह नष्ट होने का दावा झूठा

Mon, 16 Jun 2025 06:48 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Mon, 16 Jun 2025 06:48 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ईरान के हमले के कारण इस्राइल में मौजूद अदाणी समूह का हाइफा बंदरगाह नष्ट हो गया है। हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ है।

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Adani Group's claim that Iran's attack destroyed Haifa port in Israel is false
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते शुक्रवार यानि 13 जून को इस्राइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद से दोनों देशों के बीच सघंर्ष जारी है। दोनों देश एक दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा ईरानी हमले में भारतीय उद्योगपति अदाणी  समूह का इस्राइल में स्थित हाइफा बंदरगाह नष्ट हो गया है। इसके साथ ही एक वीडियो भी शेयर किया जा रहा है। वीडियो में जोरदार धमका होते हुए नजर आ रहा है। इसे शेयर कर हाइफा बंदरगाह का बताया जा रहा है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया है कि हाइफा बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहा है। इसके साथ ही जांच में वायरल वीडियो भी 9 साल पुराना पाया गया है। यह वीडियो 2015 चीन में  तियानजिन धमाके का है।

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बता दें कि 2023 में अदाणी  समूह ने इस्राइल स्थित हाइफा बंदरगाह को खरीद लिया था। इस्राइल के वित्त मंत्रालय ने कहा था कि भारत के अदाणी समूह के नेतृत्व में एक संघ ने 4 अरब शेकेल (1.15 अरब डॉलर) में उत्तरी इजरायल में हाइफा बंदरगाह को खरीद लिया है।
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क्या है दावा
सोशल मीडया पर वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अदाणी  समूह का हाइफा बंदरगाह ईरान के हमले से नष्ट हो गया है। 
बर्बरीक (@Sunny_000S) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “भारतीय कंपनी अदाणी  समूह की इस्राइल के हाइफा बंदरगाह पर 4.2 अरब डॉलर की कार्गो सुविधा ईरानी हमलों में नष्ट 15.06.2025 ईरानी मिसाइलों ने इस्राइल में अदाणी के हाइफा बंदरगाह को नष्ट कर दिया जहां मोदी ने एलआईसी को अपने स्वयं के प्रोफाइल के लिए $ 4.2 बिलियन का निवेश करने के लिए मजबूर किया!” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 



इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल
दावे की पड़ताल करने के लिए हमने पोस्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस बीच हमें हाइफा बंदरगाह पर हमला या नष्ट होने से सबंधित कोई रिपोर्ट नहीं मिली। 
आगे की पड़ताल में हमें फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की ओर से देर रात बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद रविवार को अदाणी समूह से जुड़े हाइफा बंदरगाह को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। यह स्पष्टीकरण इस्राइल तेल रिफाइनरियों के ओर से कहे जाने के कुछ घंटों बाद आया कि हाइफा में इसकी पाइपलाइनें और ट्रांसमिशन लाइनें हवाई हमलों से क्षतिग्रस्त हो गई हैं।


 

इसके बाद हमें जुगेशिंदर रॉबी सिंह के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। सिंह अदाणी समूह के ग्रुप सीएफओ हैं। उन्होंने एक यूजर के ट्वीट (जिसमें बंदरगाह नष्ट होने का दावा किया गया था) को रीट्वीट कर लिखा कि यह खबर गलत है। 

इसके बाद वायरल वीडिया की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान बीबीसी की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 14 अगस्त 2015 को प्रकाशित की गई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि तियानजिन विस्फोट का वीडियो देख चश्मदीदों में डर का महौल है। 

 
 

इसके बाद हमें द गार्जियन की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 15 अगस्त 2015 को प्रकाशित की गई थी। रिपोर्ट में वायरल वीडियो को पोस्ट कर बताया गया था कि चीन के तियानजिन शहर के एक औद्योगिक क्षेत्र में लगातार हुए बड़े विस्फोटों को कैद किया गया है। ये विस्फोट उस जगह हुए जहां जहरीले रसायन और गैस थे। यहां कम से कम 55 लोगों की मौत हो गई।
 

यहां से यह साफ होता है कि अदाणी समूह का हाइफा बंदरगाह ईरानी हमलें में नष्ट नहीं हुआ है। बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहा है।  इसके साथ ही वायरल वीडियो 9 साल पुराना है, जिसे मौजूदा समय में हाइफा बंदरगाह से जोड़ कर झूठा दावा किया जा रहा है।  

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावा को झूठा पाया है। अदाणी समूह से जुड़ा हाइफा बंदरगाह नष्ट नहीं हुआ है। इसके साथ ही वायरल हो रहा वीडियो भी 9 साल पुराना है, जिसे मौजूदा समय में हाइफा बंदरगाह से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

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