Fact Check : गाजा पट्टी की दो साल पुरानी तस्वीर को इस्राइल के तेल अवीव से जोड़कर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर किया जा रहा है। फोटो कर दावा किया जा रहा है कि यह फोटो इस्राइल के तेल अवीव की है। हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ है। यह तस्वीर दो साल पुरानी है।
विस्तार
इस्राइल ने 13 जून को ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव जारी है। सोमवार की रात ईरान ने इस्राइल के अलग-अलग शहरों पर 10 मिसाइलें दागी। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में टूटे हुए घर के साथ इमारतों के मलबे नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर इस्राइल के तेल अवीव की है। ईरान ने इस्राइल के रिहायशी इलाकों में हमला किया है।
अमर उजाल ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया है कि यह तस्वीर इस्राइल के तेल अवीव शहर की नहीं है। यह तस्वीर 2023 में गाजा पट्टी के राफा में हुए हमले के दौरान की है। 12 दिसंबर 2023 को इस्राइल ने राफा में फिलिस्तीनों के घरों में हवाई हमाला किया था।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर इस्राइल के तेल अवीव शहर की है।
शेर अली अत्ताररिजवी (@SherAttarRizvi) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “देखिए ईरान ने तेल अवीव के साथ क्या किया। नागरिकों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जाना चाहिए।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें रॉयटर्स कनेक्ट की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 12 दिसंबर 2023 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में वायरल तस्वीर को शेयर कर बताया गया है कि दक्षिण गाजा पट्टी के राफा पर इस्राइल ने हवाई हमले से क्षतिग्रस्त इमारतों के मलबे में लोग अपनों का तलाश कर रहे हैं।
इसके बाद हमें द अरेबियन स्टोरीज की रिपोर्ट मिली। द अरेबियन स्टोरीज ओमान में स्थित एक डिजिटल मीडिया संस्थान है। इस रिपोर्ट में तस्वीर शेयर कर बताया गया है कि गाजा पट्टी में लगातार इस्राइली हमले से ओमान ने अपनी चिंता व्यक्त की है।
आगे की पड़ताल में हमें हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट 12 दिसंबर 2023 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को एक आकलन जारी किया। आकलन के अनुसार 7 अक्तूबर से इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष शुरू हुआ है। इस संघर्ष के शुरू होने के बाद से गाजा पट्टी में लगभग 40,000 इमारतें या संघर्ष-पूर्व सभी संरचनाओं का लगभग 18% हिस्सा क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुका है।
यहां से साफ होता है कि यह तस्वीर इस्राइल के तेल अवीव की नहीं है। इस तस्वीर को इस्राइल के तेल अवीव से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह तस्वीर करीब दो साल पुरानी है। तस्वीर गाजा पट्टी के राफा की है। इस फोटो का इस्राइल के तेल अवीव से कोई सबंध नहीं है।