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Hindi News ›   Fact Check ›   A six-year-old video of a mob attacking the police is viral by linking it to Ramji Lal Suman's statement

Fact Check: पुलिस पर हमला करती हुई भीड़ का छह साल पुराना वीडियो रामजी लाल सुमन के बयान से जोड़कर वायरल

Tue, 01 Apr 2025 05:45 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 01 Apr 2025 05:45 PM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ पुलिस पर हमला कर रही है। दावा किया जा रहा है कि सांसद रामजी लाल सुमन के बयान के बाद लोगो की भीड़ हिंसक हुई। 

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A six-year-old video of a mob attacking the police is viral by linking it to Ramji Lal Suman's statement
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें एक ब्रिज पर लोगों की भीड़ पुलिस को खदेड़ती हुई नजर आ रही है। 
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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यूपी से राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के संसद में राणा सांगा पर दिए विवादित बयान के बाद राजपूत समाज काफी गुस्से में है। आपको बता दें इस बयान के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था जिसके बाद उनके घर पर तोड़फोड़ भी की गई। इस वीडियो को राणा सांगा के अपमान के लिए विरोध प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। 

ठाकुर कल्चर नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट से इस वीडियो को शेयर करके लिखा गया “महाराणा सांगा के सम्मान में राजपूत समाज के लोग मैदान में उतर आए हैं” (पोस्ट का आर्काइव लिंक)
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ठाकुर गैंग नाम के एक और इंस्टाग्राम अकाउंट से इस वीडियो को शेयर किया गया है। वीडियो के ऊपर लिखा गया है “महाराणा सांगा के सम्मान में राजपूत समाज के लोग मैदान में उतर आए हैं”(पोस्ट का आर्काइव लिंक)
 

 

 

 

 

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पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार मोहम्मद आकिफ के एक्स अकाउंट पर यह वीडियो  24 जुलाई 2018 को पोस्ट मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “औरंगाबाद (महाराष्ट्र) पुलिस को गोदावरी नदी पर बने कैगांव टोका पुल से पीछे हटते देखा जा सकता है, जहां मंगलवार, 24 जुलाई, 2018 को आंदोलनकारी हिंसक हो गए थे।”

हमें टॉकिंग टेल्स इंडिया नाम के एक यूट्यूब चैनल पर भी यह वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो को 27 जुलाई 2018 को पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा गया था "मराठा आंदोलन, प्रदर्शनकारी लाठियां लेकर पुलिस के पीछे दौड़ रहे हैं और पत्थरबाजी कर रहे हैं।" यहां से साफ हो गया कि वीडियो पुराना है। 

आगे हमें महाराष्ट्र टाइम्स के यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो 25 जुलाई 2018 को प्रकाशित मिला। इस वीडियो का कैप्शन लिखा गया था “पुलिस ने कायगांव टोका में खुद को बचाया” वीडियो के विस्तार में लिखा गया था “'महाराष्ट्र बंद' के दौरान औरंगाबाद के कायगांव टोका में प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। इस बार प्रदर्शनकारियों ने एक दमकल गाड़ी में आग लगा दी। इसके अलावा, पुलिस को भी अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया।” 
पड़ताल में यह साफ हो गया कि वीडियो छह वर्ष पुराना है। साथ ही वीडियो महाराष्ट्र में हुई हिंसा है जिसे यूपी के आगरा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि घटना छह वर्ष पुरानी है। इसे भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 
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