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Hindi News ›   Fact Check ›   A 2018 video of a policeman being beaten up in Meerut shared linking it to the recent Bengal violence

Fact Check: मेरठ में पुलिसकर्मी की पिटाई के 2018 के वीडियो को पश्चिम बंगाल हिंसा से जोड़कर किया जा रहा शेयर

Sat, 19 Apr 2025 11:58 AM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Sat, 19 Apr 2025 11:58 AM IST
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी का पिटाई हो रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बंगाल हिंसा के बीच एक पुलिसकर्मी को पीटा जा रहा है। हमारी पड़ताल में पता चला है कि वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

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A 2018 video of a policeman being beaten up in Meerut shared linking it to the recent Bengal violence
Fact Check: मेरठ में पुलिसकर्मी से मारपीट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बंगाल में बढ़ी हुई हिंसा के बीच एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में सफेद कपड़े पहने एक व्यक्ति पुलिस वर्दी पहने एक पुलिसवाले को पीटते हुए नजर आ रहा है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बंगाल के विधायक मंसूर मोहम्मद दिमीर ने पुलिस की वर्दी में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को बुरी तरह पीटा है। साथ ही बंगालियों के साथ बुरा होने की भी बात की जा रही है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि इस घटना का बंगाल से संबंध होने का दावा भ्रामक है। यह मामला 2018 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुई घटना का है। इस घटना में भाजपा पार्षद मुनीश चौधरी शामिल थे।

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आपको बता दें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड, सुन्नी वक्फ काउंसिल समेत कई संगठन नए वक्फ कानून का विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर देश में अलग-अलग जगह प्रदर्शन हुए हैं। पश्चिम बंगाल में इसी से जुड़े प्रदर्शन हिंसक हो गए। इस हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित मुर्शिदाबाद जिला है। प्रभावित इलाकों में 1,600 जवानों को तैनात किया गया था। हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों की मौत हुई थी।

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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बंगाल में हिंसा के बीच एक वीडियो निकलकर सामने आया है। जहां एक पुलिस की वर्दी पहने आदमी को मंसूर मोहम्मद दिमीर नाम का एक विधायक ने पीट रहे हैं। रामनारायण पाठक नाम के एक फेसबुक यूजर ने लिखा “बंगाल के विधायक मंसूर मोहम्मद दिमीर को देखिए। जब पुलिस की वर्दी में ड्यूटी पर तैनात पुलिस का ये हाल है तो बंगालियों का क्या हाल होगा...! इस वीडियो को इतना शेयर करें कि ये पूरे भारत में दिखे। सावधान हो जाओ सनातनियो” 
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पोस्ट का लिंक और आर्कालिक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें डेक्कन क्रॉनिकल पर इस वीडियो से जुड़ी हुई खबर देखने को मिला। खबर को 20 अक्तूबर 2018 को प्रकाशित किया गया था। खबर में पता चला कि “एक महिला वकील के साथ एक रेस्तरां में गए एक सब-इंस्पेक्टर की रेस्तरां के मालिक मुनीश कुमार ने पिटाई कर दी। मुनीश उस वक्त मेरठ के वार्ड नंबर 40 से भाजपा पार्षद भी थे। भोजन परोसने में देरी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, मोहिउद्दीनपुर पुलिस चौकी प्रभारी सुखपाल सिंह पवार नशे की हालत में भाजपा पार्षद मुनीश कुमार के रेस्टोरेंट में डिनर के लिए गए थे। उनके साथ उनकी एक महिला सहकर्मी भी थी, जो शहर की एक वकील है। विवाद तब शुरू हुआ जब पुलिसकर्मी-वकील की जोड़ी ने भोजन परोसने में देरी को लेकर रेस्टोरेंट के कर्मचारियों से झगड़ा करना शुरू कर दिया।” 

 

 

आगे हमें एनडीटीवी की भी एक खबर मिली। इस खबर में पता चला उत्तर प्रदेश के एक पुलिसकर्मी की रेस्टोरेंट मालिक, जो भाजपा पार्षद भी है, द्वारा पिटाई और गाली-गलौज के साथ हुआ। वर्दी में पुलिसकर्मी अपनी एक महिला मित्र के साथ मेरठ के एक रेस्टोरेंट में गया था, जहां कथित तौर पर खाना परोसने में देरी को लेकर स्टाफ से उनकी बहस हो गई थी। स्टाफ के एक सदस्य द्वारा बनाए गए घटना के सेलफोन वीडियो में, महिला, जो एक वकील है, को पिस्तौल थामे, मालिक मनीष कुमार को गाली देते और धमकाते हुए देखा जा सकता है।

 

 

  आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला की मेरठ टीम से संपर्क किया। जहां हमें इस घटना के बारे में और जानकारी मिली। अमर उजाला ने 20 अक्तूबर 2018 को इस संबंध में रिपोर्ट छापी थी। इसके मुताबिक मेरठ के कंकरखेड़ा में 20 अक्तूबर की देर रात हुए विवाद के मामले में होटल मालिक भाजपा पार्षद के खिलाफ महिला की तहरीर पर छेड़छाड़, लूटपाट समेत संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया। वहीं,  एसपी सिटी ने कहा कि होटल मालिक और अन्य कर्मचारियों को जेल  भेजा जाएगा। वहीं ड्यूटी छोड़कर महिला संग खाना खाने पहुंचे दरोगा को भी लाइन हाजिर किया गया है। इस रिपोर्ट को आप यहां पढ़ सकते हैं। रिपोर्ट से जुड़ा स्क्रीन शॉट नीचे देखा जा सकता है। 
 

पड़ताल का नतीजा  

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2018 का है। साथ ही यह वीडियो उत्तर प्रदेश के मेरठ का है न की पश्चिम बंगाल का। वीडियो को बंगाल का बताकर भ्रामक दावा शेयर किया जा रहा है। 

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