'BTS के रूप में पहचान हमेशा केंद्र में रहेगी'; K-पॉप बैंड ने बताया सोलो के बजाय ग्रुप परफॉर्मेंस पर जोर क्यों?
BTS: के-पॉप बैंड बीटीएस के सभी सदस्यों ने अनिवार्य मिलिट्री सर्विस पूरी करने और कुछ निजी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देने के बाद इस साल' अरिरंग' एल्बम से कमबैक किया। बीटीएस के सदस्यों का कहना है कि उनकी पहचान हमेशा ग्रुप के रूप में ही केंद्र में रहेगी।
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कोरियाई पॉप बैंड बीटीएस (BTS) ने करीब चार साल के लंबे ब्रेक के बाद इस साल मार्च में अपने नए एल्बम 'अरिरंग' (ARIRANG) के साथ धमाकेदार वापसी की। इसके अलावा ग्रुप ने राजधानी सियोल में कमबैक कॉन्सर्ट भी किया था, जिसमें प्रशंसकों की अपार भीड़ उमड़ी थी। साथ ही 'अरिरंग' वर्ल्ड टूर की वजह से भी चर्चा बटोरी। हाल ही में इस ग्रुप ने बताया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा सोलो परफॉर्मेंस के बजाय ग्रुप परफॉर्मेंस रहेगी। ऐसा क्यों? इसकी वजह भी बताई है।
कभी नहीं बदला इस सवाल का जवाब
बीटीएस ने अपनी वापसी के बाद एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सोलो प्रोजेक्ट्स और मिलिट्री सर्विस के वर्षों बाद भी उनके हर काम के केंद्र में उनके ग्रुप की पहचान ही रहती है। उनके हालिया ARIRANG टूर और डॉक्यूमेंट्री में भी उनकी यह भावना झलकती है। वर्षों से जब भी BTS के सदस्य सोलो करियर की ओर बढ़े, मिलिट्री सर्विस के लिए गए या अलग-अलग क्रिएटिव काम किए, तो एक सवाल हमेशा उनके सामने रहा कि अब BTS का क्या होगा? ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब असल में कभी नहीं बदला। बीटीएस की पहचान ग्रुप के रूप में ही रहेगी।
शुरुआत से लिया यह एक फैसला
ARIRANG एल्बम, ARIRANG वर्ल्ड टूर और डॉक्यूमेंट्री 'बीटीएस: द रिटर्न' के जरिए सात सदस्यों वाले इस ग्रुप ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि BTS के तौर पर उनकी पहचान उनके हर काम के केंद्र में रहती है। Weverse मैगजीन के साथ हालिया इंटरव्यू में भी इस ग्रुप ने यही बात स्पष्ट की। बता दें कि बीटीएस के सदस्यों के नाम- जिन (लीडर और रैपर), सुगा, आरएम, जे-होप, जिमिन, वी और जंग कूक हैं। अरिरंग टूर के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा वाली बातों में से एक यह है कि इसमें जान-बूझकर किन चीजों को शामिल नहीं किया गया है। भले ही सभी सात सदस्यों के सोलो म्यूजिक करियर सफल रहे हैं, फिर भी कॉन्सर्ट में कोई सोलो या सब-यूनिट परफॉर्मेंस नहीं है। इसके बजाय, पूरी सेटलिस्ट BTS की है, एक ऐसा फैसला जिसके बारे में सदस्यों का कहना है कि यह शुरू से ही जान-बूझकर लिया गया था।
'ऐसे ग्रुप मिलना अब मुश्किल'
जुंग कूक ने Weverse मैगजीन को बताया, 'आपने हमारे मकसद को बिल्कुल सही समझा है। अब ऐसे ग्रुप्स का मिलना मुश्किल हो गया है, जो सिर्फ अपने ग्रुप के गानों पर ही कॉन्सर्ट करते हैं। हम सबको याद दिलाना चाहते थे कि BTS एक ग्रुप के तौर पर कैसा है? हमारे पिछले टूर को काफी समय हो चुका है, इसलिए हमने उस एनर्जी पर ध्यान देने की कोशिश की, जो हम सब साथ होने पर महसूस करते हैं। हम सभी चाहते थे कि दर्शक शुरू से आखिर तक हम सातों के साथ मिलकर शो करने के एहसास में खो जाएं।
ग्रुप की मजबूती पर ध्यान
वहीं, वी ने भी इसी बात को दोहराया और कहा कि टूर के पीछे का आइडिया ही सबका फिर से एक साथ आना था। ये बातें उस बात को दिखाती हैं, जिसे BTS ने पिछले कुछ वर्षों में बार-बार दोहराया है। मशहूर सोलो एल्बम, वर्ल्ड टूर और दूसरे आर्टिस्ट के साथ काम करने के बावजूद, हर सदस्य ने इन प्रोजेक्ट्स को ग्रुप की जगह लेने वाली चीज के बजाय अलग-अलग चैप्टर के तौर पर बताया है। आरएम ने इस वापसी को प्रतीकात्मक और रणनीतिक, दोनों तरह से देखा। उन्होंने कहा, 'हम उस BTS ब्रांड को फिर से मजबूत करने पर ज्यादा जोर देना चाहते थे, जिसने हम सभी को यहां तक पहुंचाया है।
आर्मी से मिलने का किया था वादा
जिन ने बताया कि यह कमिटमेंट लेबल की तरफ से नहीं, बल्कि खुद मेंबर्स की तरफ से आया था। उन्होंने याद करते हुए कहा, "मिलिट्री में जाने से पहले हमने कहा था, 'जब हम सब वापस आ जाएंगे, तो हम उन सभी जगहों पर ARMY से मिलने जाएंगे जहां हम COVID के दौरान टूर नहीं कर पाए थे। यह एक वादा था जो हमने भर्ती होने से पहले आपस में किया था'। बता दें कि आर्मी से यहां मतलब बीटीएस के फैंस ग्रुप से है।