Smriti Biswas Death: दिग्गज अभिनेत्री स्मृति बिस्वास का निधन, 100 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
प्रसिद्ध अभिनेत्री स्मृति बिस्वास नारंग का पिछले बुधवार शाम को नासिक रोड स्थित उनके घर पर 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
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हिंदी और बंगाली दोनों फिल्मों में अपनी प्रतिष्ठित भूमिकाओं के लिए जानी जाने वाली प्रसिद्ध अभिनेत्री स्मृति बिस्वास नारंग का पिछले बुधवार शाम को नासिक रोड स्थित उनके घर पर निधन हो गया। अभिनेत्री ने उम्र संबंधी समस्याओं के कारण 100 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। ईसाई रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को सुबह 10 बजे हुआ।
नासिक में रह रही थीं अभिनेत्री
पहले मुंबई में काफी धन-संपत्ति रखने वाली स्मृति 28 वर्ष पहले अपनी ईसाई मिशनरी बहन के संरक्षण में रहने के लिए नासिक चली गई थीं और वहां एक साधारण घर में रहती थीं। 1930 के दशक से लेकर 1960 के दशक तक तीन दशकों में स्मृति ने नेक दिल, अपराजिता और मॉडर्न गर्ल जैसी कई सफल फिल्मों में अभिनय किया और फिल्म उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शादी के बाद अभिनय से बनाई दूरी
स्मृति ने 10 साल की उम्र में बंगाली फिल्म संध्या में एक बाल कलाकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और कोलकाता में निर्मित कई फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें हेमंत बोस की द्वंद्व और मृणाल सेन की नील आकाशेर नीचे शामिल हैं। उन्होंने कई हिंदी, मराठी और बंगाली फिल्मों में अभिनय किया है। स्मृति बिस्वास ने अपने करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी। उन्होंने गुरु दत्त, वी शांताराम, मृणाल सेन, बिमल रॉय, बीआर चोपड़ा और राज कपूर की फिल्मों में काम किया। उन्होंने देव आनंद, किशोर कुमार और अन्य उल्लेखनीय कलाकारों के साथ अभिनय किया। 1960 में फिल्म निर्देशक एसडी नारंग से शादी करने के बाद बिस्वास ने अभिनय से संन्यास ले लिया।
इन फिल्मों में किया काम
उन्होंने 1950 के दशक में बिमल रॉय की पहली आदमी, किशोर कुमार के साथ एआर कारदार की भागम भाग, भगवान दादा की बाप रे बाप, देव आनंद के साथ एएन बनर्जी की हमसफर, गीता बाली के साथ गुरु दत्त की सैलाब, वी शांताराम की तीन बत्ती और चार रास्ता, राज कपूर द्वारा निर्मित जागते रहो, मीना कुमारी की मुख्य भूमिका वाली बीआर चोपड़ा की चांदनी चौक और एसडी नारंग की दिल्ली का ठग में अतिथि भूमिका निभाई। वे कॉमेडी और सामाजिक और ऐतिहासिक नाटकों में भी समान रूप से माहिर थीं।
फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन ने जताया दुख
अपनी मृत्यु से पहले वे नासिक में गरीबी में जीवन जी रही थीं। स्मृति के दो बेटे हैं, राजीव और सत्यजीत। अभिनेत्री के निधन पर फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया, 'फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन को कल गुजरे जमाने की अभिनेत्री स्मृति बिस्वास के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। स्मृति बिस्वास, जिन्होंने इस साल फरवरी में अपनी शताब्दी मनाई, 1940 और 50 के दशक में सबसे जीवंत और आकर्षक अभिनेताओं में से एक थीं।'
FHF was deeply saddened to hear of the passing away of yesteryear actress Smriti Biswas yesterday. Smriti Biswas, who celebrated her centenary in February this year, was one of the most vivacious and attractive actors in the 1940s and 50s... pic.twitter.com/zyetZ9v69K
— Film Heritage Foundation (@FHF_Official) July 4, 2024