फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   shwetha mennon kerala high court fir quashing case obscene film controversy

Shwetha Menon: हाईकोर्ट से श्वेता मेनन को मिली राहत, FIR पर कार्यवाही पर अंतरिम रोक का आदेश

Thu, 07 Aug 2025 03:24 PM IST
हिमांशु सोनी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: हिमांशु सोनी Updated Thu, 07 Aug 2025 03:24 PM IST
सार

Shwetha Menon Moves to Kerala Highcourt: साउथ एक्ट्रेस श्वेता मेनन के खिलाफ हाल ही में अश्लीलता फैलाने के आरोप में केस दर्ज हुआ है। अभिनेत्री ने इसी के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिली है। 

विज्ञापन
shwetha mennon kerala high court fir quashing case obscene film controversy
श्वेता मेनन - फोटो : एक्स

विस्तार

मलयालम अभिनेत्री श्वेता मेनन ने एक गंभीर मामले में कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है। उन्होंने केरल हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई। ये एफआईआर अभद्र फिल्मों और अश्लील विज्ञापनों में अभिनय करने के आरोपों पर बेस्ड है, जिनका उद्देश्य पैसे कमाना बताया गया है। इस मामले में अभिनेत्री को हाईकोर्ट से राहत मिली है।  

विज्ञापन


एफआईआर रद्द करने के लिए दायर याचिका पर अंतरिम आदेश जारी
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को श्वेता मेनन के खिलाफ उनकी कुछ पिछली फिल्मों और विज्ञापनों के कथित अश्लील दृश्यों को कथित तौर पर प्रकाशित या प्रसारित करने के आरोप में दर्ज एफआईआर से संबंधित कार्यवाही पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति वी जी अरुण ने अभिनेत्री द्वारा अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए दायर याचिका पर अंतरिम आदेश जारी किया। अदालत ने राज्य और शिकायतकर्ता को भी नोटिस जारी किया, जिनकी शिकायत पर मजिस्ट्रेट अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
विज्ञापन


कब शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मर्टिन मेनाचरी, जो कि न्यूजपेपर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (केरल क्षेत्र) के महासचिव हैं, उन्होंने एक शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को भेजा और उसके बाद एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में श्वेता मेनन पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67A और अमोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) अधिनियम, 1956 की धाराओं 3 और 5 के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये खबर भी पढ़ें: Ghaati trailer: रिलीज हुआ 'घाटी' का ट्रेलर, जबरदस्त एक्शन मोड में दिखीं 'बाहुबली 2' फेम अनुष्का शेट्टी

श्वेता मेनन ने दायर की याचिका
श्वेता मेनन ने कोर्ट में अपनी याचिका में इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बिना किसी आधार वाला बताया है। उन्होंने कहा कि ये आरोप उनके सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश के तहत लगाए गए हैं। याचिका में बताया गया है कि जिन फिल्मों का उल्लेख शिकायत में किया गया है, जैसे 'पलेरी माणिक्यम', 'रथिनिर्वेधम' और 'कलिमन्नू', ये सभी सेंसर बोर्ड से प्रमाणित और कानूनी रूप से रिलीज की गई हैं।


उन्होंने खासतौर पर 'पलेरी माणिक्यम' में अपने अभिनय की तारीफ करते हुए बताया कि इसी फिल्म के लिए उन्हें केरल राज्य फिल्म पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान भी मिला। श्वेता मेनन ने किसी भी पोर्नोग्राफिक वेबसाइट के संचालन में खुद के जुड़ने से इनकार किया और कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के उन पर मानहानि का आरोप लगाया गया है।

एक्ट्रेस ने केरल हाईकोर्ट में क्या दावा किया? 
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि श्वेता मेनन ने मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (AMMA) के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था और शिकायत उसी नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख के दिन दर्ज कराई गई। यह समय और आरोप उनकी उम्मीदवारी और प्रतिष्ठा को खत्म करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इस याचिका को उनके वकील उनि सेबेस्टियन कपेन और एम रेविकृष्णन ने पेश किया है। अब यह मामला केरल हाईकोर्ट के जस्टिस वीजी अरुण की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed