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Sarfarosh: 'सरफरोश' बनाम रोहित शेट्टी की कॉप-यूनिवर्स, कितनी अलग है इन दोनों फिल्मों की पुलिस वाली दुनिया
Thu, 14 Mar 2024 09:05 AM IST
अनुपमा कुमारी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अनुपमा कुमारी
Updated Thu, 14 Mar 2024 09:05 AM IST
सार
आमिर खान और रोहित शेट्टी अलग-अलग दुनिया से आते हैं। आमिर खान जहां अपनी फिल्मों को वास्तविकता के नजदीक रखकर बनाते हैं वहीं रोहित शेट्टी की फिल्में सुपर हीरो वाली फिल्मों के काफी करीब होती हैं।
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सिंघम
- फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
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रोहित शेट्टी बॉलीवुड में एक्शन फिल्में बनाने के लिए मशहूर हैं। उन्होंने पुलिस और वर्दी के ऊपर एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'सिंघम अगेन' इसी साल रिलीज होने जा रही है। पुलिस और वर्दी पर बनने वाली फिल्में हमेशा से दर्शकों के बीच जगह बनाने में कामयाब रही हैं। आज से लगभग 25 साल पहले रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म 'सरफरोश' भी एक पुलिस ऑफिसर की कहानी को बयान करती दिखी थी। आइए जानते हैं क्या अंतर है आमिर खान की फिल्म 'सरफरोश' और रोहित शेट्टी की कॉप यूनिवर्स फिल्मों में -
रोहित शेट्टी के 'सिंघम' की दुनिया
साल 2011 में रोहित शेट्टी ने फिल्म 'सिंघम' को रिलीज किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने में कामयाब रही। अब 13 साल बाद रोहित 'सिंघम अगेन' लेकर आ रहे हैं। आप गौर करेंगे तो देखेंगे कि रोहित की फिल्मों में पुलिस केवल कानून का रखवाला नहीं होता है। वह असामाजिक तत्त्वों से लड़ता है और फिर खुद ही उसे सजा भी सुनाता है। उनकी फिल्मों में पुलिस न्यायाधीश और जूरी भी हैं।
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आमिर की 'सरफरोश'
आमिर खान भी आज से 25 साल पहले फिल्म 'सरफरोश' में आईपीएस अधिकारी 'अजय राठौर' की भूमिका में नजर आए थे। आमिर खान की यह फिल्म आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्म है। 'सरफरोश' में कोई भी सीटी-मार डायलॉग नहीं था। आमिर का किरदार अपनी क्षमता भर काम करता है। वह सुपर हीरो नहीं है।
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'सिंघम' बनाम 'सरफरोश'
आमिर खान और रोहित शेट्टी अलग-अलग दुनिया से आते हैं। आमिर खान जहां अपनी फिल्मों को वास्तविकता के नजदीक रखकर बनाते हैं वहीं रोहित शेट्टी की फिल्में सुपर हीरो वाली फिल्मों के काफी करीब होती हैं। 'सरफरोश' के आईपीएस अधिकारी को पता है कि उसका काम कानून की रक्षा करना है वहीं रोहित शेट्टी की पुलिस कानून की रक्षा के अलावा खुद ही न्याय करने में भी विश्वास रखती है।
रोहित शेट्टी के 'सिंघम' की दुनिया
साल 2011 में रोहित शेट्टी ने फिल्म 'सिंघम' को रिलीज किया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने में कामयाब रही। अब 13 साल बाद रोहित 'सिंघम अगेन' लेकर आ रहे हैं। आप गौर करेंगे तो देखेंगे कि रोहित की फिल्मों में पुलिस केवल कानून का रखवाला नहीं होता है। वह असामाजिक तत्त्वों से लड़ता है और फिर खुद ही उसे सजा भी सुनाता है। उनकी फिल्मों में पुलिस न्यायाधीश और जूरी भी हैं।
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आमिर की 'सरफरोश'
आमिर खान भी आज से 25 साल पहले फिल्म 'सरफरोश' में आईपीएस अधिकारी 'अजय राठौर' की भूमिका में नजर आए थे। आमिर खान की यह फिल्म आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्म है। 'सरफरोश' में कोई भी सीटी-मार डायलॉग नहीं था। आमिर का किरदार अपनी क्षमता भर काम करता है। वह सुपर हीरो नहीं है।
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'सिंघम' बनाम 'सरफरोश'
आमिर खान और रोहित शेट्टी अलग-अलग दुनिया से आते हैं। आमिर खान जहां अपनी फिल्मों को वास्तविकता के नजदीक रखकर बनाते हैं वहीं रोहित शेट्टी की फिल्में सुपर हीरो वाली फिल्मों के काफी करीब होती हैं। 'सरफरोश' के आईपीएस अधिकारी को पता है कि उसका काम कानून की रक्षा करना है वहीं रोहित शेट्टी की पुलिस कानून की रक्षा के अलावा खुद ही न्याय करने में भी विश्वास रखती है।