राहुल गांधी ने नॉर्थ ईस्ट म्यूजिक फेस्टिवल का अनुभव किया साझा, बोले- म्यूजिक से एकता को बढ़ावा मिलता है
Rahul Gandhi Share North East Music Festival Experience: कांग्रेस लीडर राहुल गांधी ने हाल ही में नॉर्थ ईस्ट म्यूजिक फेस्टिवल में शिकरत की। यहां उन्हें जो अनुभव हुआ, उसे एक वीडियो के जरिए साझा किया।
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित नॉर्थ ईस्ट म्यूजिक फेस्टिवल में राहुल गांधी भी शामिल हुए। कई कलाकारों और आम लोगों से उन्हाेंने बात की। सोशल मीडिया पर इस म्यूजिक फेस्टिवल और वहां जो अनुभव उन्हें हुए, उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। इस म्यूजिक फेस्टिवल का अनुभव उनके लिए काफी यादगार रहा है।
एकता और विरासत को बढ़ाता है म्यूजिक
राहुल गांधी ने इस म्यूजिक फेस्टिवल से जुड़े कई वीडियो इंस्टाग्राम पेज पर साझा किए है। वह बताते हैं कि नॉर्थ ईस्ट म्यूजिक फेस्टिवल साउंड विदाउट कॉन्फ्लिक्ट उनके लिए एक कभी ना भूलने वाली शाम रही है। राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘रेवबेन माशांगवा की लोक धुनों और बोरकुंग ह्रांगखॉल की रैप-रॉक एनर्जी से लेकर टेटसेओ सिस्टर्स की हारमनी और ताबा चाके की दिल को छू लेने वाली धुनों तक, हर परफॉर्मेंस परंपरा और क्रिएटिविटी से भरपूर थी।’
वह आगे कहते हैं, ‘म्यूजिक हमें एकता, विरासत और सामूहिक गर्व का जश्न मनाने का मौका देता है। यह बहुत ही असरदार तरीका है।’
कलाकारों की कहानियों को सुना
इस म्यूजिक फेस्टिवल के बाद राहुल गांधी कलाकारों से मिले, उनकी कहानियां सुनी। इस बातचीत के बारे में उन्होंने कहा कि लोगों का जोश याद दिलाता है कि संगीत और संस्कृति हमें एक देश के तौर पर कितनी गहराई से जोड़ती है। वह कहते हैं, ‘यह शाम नॉर्थ ईस्ट और इसके लोगों, कल्चर, इतिहास और आवाजों का जश्न मनाने के बारे में थी। नॉर्थ ईस्ट, भारत की कुछ सबसे समृद्ध परंपराओं, सबसे गहरी क्रिएटिविटी और सबसे ज्यादा प्रेरणा देने वाले कल्चरल कॉन्फिडेंस को दिखाता है। हमारी राष्ट्रीय पहचान को गहरे तरीकों से आकार देता है।’
वह आगे कहते हैं, ‘जब हम सच में एक-दूसरे की बात सुनते हैं। अपने मतभेदों का सम्मान के साथ जश्न मनाते हैं, तो हम उस एकता को मजबूत करते हैं, जो हमें एक देश के रूप में बांधती है।’