Beekeeper Review: फिशिंग के सबसे बड़े माफिया का सफाया करने निकला एडम क्ले, जेसन स्टैथम ने रचा रोमांचक संसार
तो पिछला साल हिंदी सिनेमा में सबसे हिंसक फिल्म के रूप जिस फिल्म ‘एनिमल’ ने धमाकेदार कमाई की, उसे देखने वालों के लिए हॉलीवुड इस साल उससे भी बड़ा तोहफा लेकर आया है। यहां अपराध भी आला दर्जे का है। अपराधी भी ऐसे कि जिनके मां-बाप के बारे में जानकर साधारण पुलिस अफसर का तो होश ही उड़ जाए और अपराध ऐसा कि अपने यहां जामताड़ा से लेकर गली गली तक होने लगा है। जेसन स्टेथम की फिल्म है। उनके प्रशंसकों की भारत में तादाद काफी है। फिल्म बनाई उन डेविड एयर ने है जिनकी कलम का जादू ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ को न सिर्फ एक फ्रेंचाइजी बनाने में कामयाब रहा बल्कि उनके लेखन ने ही उनको हॉलीवुड में स्थापित किया। ये तीसरा मौका है जब डेविड किसी दूसरे की लिखी फिल्म को निर्देशित कर रहे हैं। आज डेविड का जन्मदिन भी है और 55 साल के हो चुके डेविड का ये एक्शन फिल्मों को देखने वालों के लिए ये एक खास तोहफा है।
बीकीपर, द बीकीपर
फिल्म ‘द बीकीपर’ जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है कि मधुमक्खी पालन करने वाले एक इंसान की ही कहानी है। अमेरिका में किसी दूरदराज इलाके में वह अपना काम शांति से कर रहा है। उसकी पड़ोसी एक बुजुर्ग महिला उसका हालचाल लेती रहती है। अपने बनाए शहद का एक जार लेकर ये बीकीपर जब अपनी पड़ोसन के घर पहुंचता है तो वह मरी मिलती है। पहला इल्जाम बीकीपर के सिर ही आता है। तफ्तीश उस महिला की बेटी ही की कर रही है। दोनों का दोबारा आमना सामना होता है। पता चलता है कि अमेरिका जैसे देश में भी जामताड़ा खूब हो रहा है। लिंक पर क्लिक करने की बेचैनी वहां भी लोगों के खाते खाली करवा रही है। ये पैसा कहां जा रहा है, इसका पता लगाने अब ये बीकीपर निकलता है। बीकीपर दरअसल एक सीक्रेट सोसाइटी का सेवानिवृत्त सदस्य है। सीआईए का एक पूर्व निदेशक इसके बारे में जानता है। उसका बेटा ये सब एक खिलवाड़ समझता है और उसकी पत्नी का परदे पर जब पहली बार परिचय सामने आता है, तो कहानी का असली ट्विस्ट आता है।
तकनीकी कौशल का करिश्मा
एक घंटे 45 मिनट की फिल्म ‘द बीकीपर’ का डीएनए शुरू से आखिर तक स्पष्ट रहता है। कुछ अच्छे गाने हैं। कमाल का बैकग्राउंड म्यूजिक है। कुछ चुटीले वनलाइनर संवाद हैं। और, जेसन स्टेथम का अपना खुद का करिश्मा तो खैर है ही। जेसन स्टेथम का एडम क्ले का किरदार उनके शरीर सौष्ठव के हिसाब से ही रचा गया है। वह एक प्रशिक्षित बीकीपर है। बीकीपर यानी की अमेरिका के लड़ाकों का एक ऐसा समूह जो समाज की रक्षा करने के लिए बनाया गया। ये उस समय सक्रिय होते हैं जब सामान्य एजेंसियों के बस का कुछ नहीं होता। पूरा समूह ठीक मधुमक्खियों की सामाजिक संरचना की तरह काम करता है। रानी मक्खी जब ढंग के बच्चे पैदा कर पाने में विफल रहती है तो उसका क्या होता है, ये भी फिल्म अपनी कहानी के विस्तार में धीरे धीरे बताती रहती है। अपनी पड़ोसन की मौत के जिम्मेदारों की तलाश करने और उन्हें नेस्तनाबूद करने निकले एडम क्ले के पास लक्ष्य के अलावा कुछ नहीं है।
जानदार जेसन, शानदार डेविड
जेसन स्टेथम की फिल्मों का एक तयशुदा फॉर्मूला होता है। वह एक मुसीबत को पहचानते हैं। उसकी तह तक जाते हैं और इस मुसीबत को पैदा करने वालों का नामोनिशान मिटा देते हैं। इस तीन अध्यायों की कहानी का विस्तार कैसे होगा, इसमें दूसरे किरदार किस किस तरह के आएंगे, कौन से किरदार दर्शकों को चौंकाएंगे और कौन से किरदार दर्शकों को अपने आसपास होती घटनाओं के चेहरे जैसे लगेंगे, बस इसी में जेसन की फिल्मों की सफलता का राज छुपा है। क्रूर और वीभत्स एक्शन फिल्मों का पर्याय बन चुके जेसन स्टेथम की फिल्म ‘द बीकीपर’ उनके प्रशंसकों के लिए साल का पहला बढ़िया तोहफा है। उनका अभिनय अपनी जगह बिल्कुल दुरुस्त है। एक्शन दृश्यों मे जेसन का तोड़ वैसी भी दूसरा नहीं है। संवादों की उनकी टाइमिंग और उनके दूसरे किरदारों से रिश्ते डेविड अय्यर ने बहुत करीने से संभाले हैं।
साथी कलाकारों का बढ़िया साथ
फिल्म ‘द बीकीपर’ में जेसन के पीछे लगी एफबीआई अफसर के किरदार में एमी रेवर लैम्पमैन फिल्म का संतुलन साधता चेहरा है। वही पता लगाती है कि जो कुछ हो रहा है, उसके पीछे सामान्य लोग नहीं हैं। एमी ने इस किरदार में दर्शकों को कहानी से जोड़ने वाले पुल का काम किया है। साथ में जोश हचरसन भी है। कुछ कुछ ‘किलर सूप’ की अप्पू जैसा है ये किरदार। मां-बाप से गालियां देकर बात करने वाले एक बेटे का हश्र क्या होने वाला है, दर्शकों को फिल्म की आधी यात्रा पूरी करते ही पता चलने लगता है। सीआईए से सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारी की अपने बेटे के आगे की लाचारी और अपनी पत्नी के आगे दुम हिलाने की उसकी मजबूरी को अभिनेता जेरेमी आइरन्स ने बहुत अच्छे से निभाया है। फिल्म एक्शन के शौकीनों के लिए बिल्कुल मुफीद फिल्म है, बशर्ते अगर उन्होंने अब तक ये फिल्म डार्कवेब से हासिल करके देख न ली हो।